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रांची-द.अफ्रीका वनडे..:39,579 सीटों वाले स्टेडियम में 10,014 फ्री पास बांटे; जेएससीए को 2.08 करोड़ रुपए का नुकसान




झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के रांची इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर 2025 को हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच की टिकट बिक्री में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मैच में तय सीमा से 10,014 ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री (फ्री) पास बांटे गए। इससे जेएससीए को 2,08,13,500 रुपए के टिकट राजस्व का नुकसान हुआ। यह खुलासा बीसीसीआई लोकपाल और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा के समक्ष दाखिल शपथपत्र में हुआ है। बीसीसीआई लोकपाल के 29 जुलाई 2026 के आदेश के पैरा 12 के अनुपालन में शिकायतकर्ता नंदू पटेल ने 18 अगस्त 2026 को शपथपत्र दाखिल किया। इसमें वनडे मैच के दौरान जेएससीए को दो करोड़ रुपए से अधिक की क्षति पहुंचने का दावा किया गया है। बीसीसीआई का नियम 10% फ्री देने का, बांटे 35.30% पास दस्तावेज के मुताबिक स्टेडियम की क्षमता 39,579 सीट है। बीसीसीआई के नियम के अनुसार किसी मैच में अधिकतम 10% सीट ही कॉम्प्लिमेंट्री पास के रूप में दी जा सकती हैं। यानी 3,958 पास से ज्यादा नहीं बांटे जा सकते थे। पर आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 13,972 पास बांटे गए। यह कुल क्षमता का 35.30% है और तय सीमा से करीब 3.5 गुना ज्यादा है। शिकायतकर्ता ने इसके लिए जेएससीए के सचिव सौरभ तिवारी, कोषाध्यक्ष अमिताभ घोष, उपाध्यक्ष और मैच के ऑफिशियल टिकट इंचार्ज रहे संजय पांडेय समेत अन्य को जिम्मेदार ठहराया है। जनता के लिए 90% टिकट, लेकिन बिक्री सिर्फ 56.26% दस्तावेज के अनुसार जनता के लिए करीब 35,621 सीट यानी 90% सीट उपलब्ध होनी चाहिए थीं। पर सार्वजनिक बिक्री सिर्फ 22,271 टिकट की रही। यह स्टेडियम की कुल क्षमता का 56.26% है। शिकायत में अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंट्री पास से 2,08,13,500 रु. राजस्व के नुकसान का दावा किया गया है। इसके अलावा 37,46,430 रु. जीएसटी व10,40,675 रु. एचईसी गेट लेवी के नुकसान का उल्लेख है। प्रीमियम टेरेस में तय सीमा से 758.62% ज्यादा पास बांटे गए अमिताभ चौधरी पवेलियन प्रीमियम टेरेस में 2,906 सीट हैं। यहां नियम के अनुसार अधिकतम 290 कॉम्प्लिमेंट्री पास दिए जा सकते थे, लेकिन 2,200 पास बांटे गए। यानी अनुमति सीमा का 758.62%। जेएससीए प्रेसिडेंट्स एनक्लोजर में 700 सीटों के लिए अधिकतम 70 पास की सीमा थी, लेकिन 440 पास बांटे गए। यहां फ्री पास की संख्या अनुमत सीमा का 628.57% रही। यहां हुई गड़बड़



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