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राजा भैया ने शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता:49वीं यूपी स्टेट शूटिंग में एस-25 क्ले पिजन ट्रैप स्पर्धा में तीसरा स्थान




प्रतापगढ़ कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने एस-25 क्ले पिजन ट्रैप शूटिंग (एनआर) पुरुष व्यक्तिगत चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह चैंपियनशिप नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित की गई थी। राजा भैया ने इस प्रतियोगिता में 25 प्वाइंट का स्कोर बनाया। राजा भैया को हथियारों के शौक के लिए जाना जाता है। वह राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के लाइफ टाइम मेंबर भी हैं। इस शूटिंग का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। जिसमें उन्हें सटीक निशाना लगाते दिख रहे हैं। यह पहली बार है जब लोग सार्वजनिक रूप से उनकी शूटिंग का वीडियो देख रहे हैं। राजा भैया 1993 से लगातार कुंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह इस सीट से लगातार सातवीं बार चुने गए हैं। 1993 में निर्दलीय विधायक के रूप में की थी करियर की शुरुआत राजा भैया ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1993 में 24 वर्ष की उम्र में प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में की थी। पहले ही चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने कुंडा को अपना मजबूत राजनीतिक गढ़ बना लिया। इसके बाद 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव भी उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते और प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाई। भाजपा और सपा सरकारों में रहे मंत्री राजनीतिक प्रभाव के चलते राजा भैया भाजपा सरकारों में कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहे। बाद में समाजवादी पार्टी की मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सरकार में भी उन्होंने खाद्य एवं रसद तथा जेल मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। पोटा से लेकर अपनी पार्टी बनाने तक का सफर वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती से राजनीतिक टकराव के बाद उन पर पोटा (POTA) लगाया गया और उन्हें जेल जाना पड़ा। वर्ष 2003 में सपा सरकार बनने के बाद पोटा हटाया गया और जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। करीब 25 वर्षों तक निर्दलीय राजनीति करने के बाद वर्ष 2018 में उन्होंने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का गठन किया। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते हुए वे लगातार सातवीं बार कुंडा से विधायक निर्वाचित हुए। हथियारों के शौकीन हैं राजा भइया साल 2025 में राजा भैया के शस्त्र पूजन का वीडियो और तस्वीरें सामने आई थीं। करीब 200 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों को टेबल पर सजाया गया था। हथियारों में पिस्टल, रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, राइफल और थर्टी कारबाइन शामिल हैं। हर साल दशहरे पर राजा भैया अपने शस्त्रागार में रखें हथियारों की पूजा करते हैं। पत्नी ने लगाया था अवैध हथियार रखने का आरोप दरअसल, भावनी सिंह ने 18 सिंतबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि राजा भैया के पास अवैध हथियारों का जखीरा है। उनके पास कुछ ऐसे हथियार हैं, जिनसे मास डिस्ट्रक्शन हो सकता है। मतलब- हमले में तमाम लोग मारे जा सकते हैं। ये हथियार जन सुरक्षा और आंतरिक शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजा भैया के सबसे करीबी माने जाने वाले अक्षय प्रताप ने कहा था- राजा भैया क्यों अवैध हथियार रखेंगे? राजा भैया का एक भी ऐसा नौकर नहीं है, जिसके पास लाइसेंस और असलहा न हो। दशहरे पर हम इनकी पूजा करते हैं। सारे लीगल शस्त्र हैं। जिसे देखना है वह दशहरा में आ जाए। ———————————- ये खबर भी पढ़ेंः- बेटे ने पिता की 6 गोलियां मारकर हत्या की:150 करोड़ की प्रॉपर्टी चाहता था, मां लाश देख चीखी, कहा- तूने घर उजाड़ दिया गाजियाबाद में 150 करोड़ की प्रॉपर्टी के विवाद में बेटे ने पिता की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात 12 बजे आरोपी ने पिस्टल से पिता के चेहरे, सीने और पेट में 6 गोलियां मारीं। बेटा शराब पीकर घर आया था। पिता ने उसे डांट दिया। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। पढ़ें पूरी खबर…



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