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पंजाब की पटियाला सेंट्रल जेल में 30 साल से ज्यादा समय से बंद बलवंत सिंह राजोआणा ने अपनी आंखों के इलाज के लिए बुधवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के दोषी राजोआणा ने हाईकोर्ट से पटियाला के डॉ. आरएस रंधावा आई अस्पताल में दोनों आंखों का ऑपरेशन कराने की अनुमति मांगी है। याचिका में कहा गया है कि वह ऑपरेशन का पूरा खर्च खुद उठाने के लिए तैयार हैं। राजोआणा ने याचिका में बताया है कि उन्हें दोनों आंखों में मोतियाबिंद की समस्या है। पटियाला सेंट्रल जेल के अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिस अस्पताल में ऑपरेशन कराने की मांग की गई है, वह जेल से करीब 2 किलोमीटर दूर है। ऐसे में उन्होंने पुलिस सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराने की अनुमति मांगी है। 30 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद याचिका के अनुसार, राजोआणा को 31 अगस्त 1995 की सीबीआई एफआईआर से जुड़े मामले में चंडीगढ़ की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 31 जुलाई 2007 को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। राजोआणा के मुताबिक, वह इस मामले में 27 जनवरी 1996 से लगातार हिरासत में हैं और 30 साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुके हैं। गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती पर हुआ था फैसला याचिका में यह भी कहा गया है कि गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर केंद्र सरकार ने आठ कैदियों की रिहाई का आदेश दिया था। इनमें बलवंत सिंह राजोआणा का नाम भी शामिल था। हालांकि, यह आदेश अभी तक उनके मामले में लागू नहीं हो सका और उनकी रिहाई नहीं हुई। याचिका के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को राजोआणा को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों ने दोनों आंखों की जांच की थी। जांच में मोतियाबिंद की स्थिति पहले जैसी ही बताई गई। डॉक्टरों ने कहा था कि अगर वह चश्मे की मदद से 6/6 दृष्टि पढ़ पा रहे हैं तो फिलहाल मोतियाबिंद का ऑपरेशन कुछ समय के लिए टाला जा सकता है। जेल अस्पताल ने भी रंधावा आई अस्पताल से ली सलाह इसके बाद पटियाला सेंट्रल जेल के अस्पताल के डॉक्टरों ने डॉ. आरएस रंधावा आई अस्पताल से भी सलाह ली। याचिका में डॉक्टर की सलाह का हवाला देते हुए कहा गया है कि अगर मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो जाता है तो राजोआणा को पावर वाला चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ सकती। जेल से सिर्फ 2 किलोमीटर दूर है अस्पताल राजोआणा ने हाईकोर्ट को बताया है कि पटियाला केंद्रीय जेल के अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। जिस डॉ. आरएस रंधावा आई अस्पताल में ऑपरेशन कराने की अनुमति मांगी गई है, वह जेल से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि उन्हें पुलिस सुरक्षा में अस्पताल ले जाने की अनुमति दी जाए। वहां दोनों आंखों का ऑपरेशन कराने के बाद उन्हें वापस पटियाला केंद्रीय जेल भेज दिया जाए। ऑपरेशन का पूरा खर्च खुद उठाने को तैयार राजोआणा की याचिका में साफ कहा गया है कि आंखों के ऑपरेशन और इलाज पर आने वाला पूरा खर्च वह खुद उठाने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि जेल अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें बाहर के अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी जाए। अब हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि उन्हें पुलिस सुरक्षा में पटियाला के निजी अस्पताल ले जाकर दोनों आंखों का ऑपरेशन कराने की अनुमति दी जाती है या नहीं।
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राजोआणा ने आंखों के ऑपरेशन को हाईकोर्ट से मांगी अनुमति:30 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद; दोनों आंखों में मोतियाबिंद
