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पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने रामझरोखा मंदिर की जमीन के पट्टों को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा पर पलटवार किया। देवासी ने कहा कि जमीन के पट्टों से उनका कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने किसी को पट्टा बनाने या बेचने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लीज डीड की जांच कराने की बात कही। देवासी ने आरोप लगाया कि 2021 से 2023 के बीच लोढ़ा के कार्यकाल में थर्ड पार्टी के माध्यम से मंदिर की जमीन खुर्द-बुर्द की गई। उन्होंने लोढ़ा के करीबी विनोद देवड़ा के नाम रहे एक पट्टे का जिक्र करते हुए खरीदार के पते पर भी सवाल उठाए। साथ ही लोढ़ा से नेशनल हाईवे स्थित कांग्रेस नगर अध्यक्ष के पेट्रोल पंप की जमीन और रामझरोखा मंदिर के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने महामंदिर की जमीनों पर कब्जे के प्रयासों को भी उजागर करने की बात कही और ‘भोपा भगाओ’ बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें सिरोही की जनता ने सेवा के लिए चुना है, जबकि जनता ने लोढ़ा को ही हटा दिया। राज्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों में 1,500 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य कराने का दावा करते हुए कृषि कॉलेज, बस स्टैंड, सड़क, अंजीर उत्कृष्टता केंद्र, फल-सब्जी मंडी और कालंद्री पंचायत समिति जैसे कार्य गिनाए। उन्होंने वेटेनरी कॉलेज, राजकीय कॉलेज के रंगमंच तथा विद्या भारती-सेवा भारती के भूखंडों को लेकर भी लोढ़ा पर सवाल उठाए। देवासी ने कहा कि सिरोही के विकास के लिए वे लगातार काम करते रहेंगे। प्रेस वार्ता में सांसद लुंबाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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रामझरोखा मंदिर जमीन विवाद पर देवासी का पलटवार:बोले- पट्टों से मेरा कोई संबंध नहीं, लोढ़ा के कार्यकाल में जमीन खुर्द-बुर्द होने का आरोप
