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रामपुरा फूल में AAP के अंदर बढ़ी सियासी हलचल:विधायक बलकार सिद्धू के साथ इंदरजीत मान और जतिंदर भल्ला की सक्रियता ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल




रामपुरा फूल विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन रामपुरा फूल में आम आदमी पार्टी (AAP) की अंदरूनी सियासत अभी से चर्चा में आ गई है। एक तरफ मौजूदा विधायक बलकार सिंह सिद्धू क्षेत्र में पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं, तो दूसरी तरफ मार्कफेड पंजाब के चेयरमैन इंदरजीत सिंह मान और बठिंडा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन एवं AAP जिला प्रधान जतिंदर सिंह भल्ला भी लगातार क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि अब चर्चा विपक्ष की राजनीति से ज्यादा AAP के भीतर बन रहे समीकरणों को लेकर है। राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि चुनाव तक पार्टी की स्थानीय राजनीति किस दिशा में जाती है और संगठन में किस नेता की पकड़ मजबूत होती है। चुनाव दूर, लेकिन सियासी तैयारी शुरू
फिलहाल चुनाव में समय है और परिस्थितियां आगे कई बार बदल सकती हैं। पार्टी की ओर से भी रामपुरा फूल को लेकर किसी संभावित नेतृत्व बदलाव या चुनावी चेहरे को लेकर कोई स्पष्ट संकेत सामने नहीं आया है]लेकिन विधायक, मार्कफेड चेयरमैन और जिला प्रधान तीनों की अलग-अलग राजनीतिक गतिविधियों ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि रामपुरा फूल में AAP की सियासत अभी शांत नहीं है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में यह सक्रियता केवल जनसंपर्क तक सीमित रहती है या फिर पार्टी के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों का आधार बनती है। विधायक के साथ संगठन में भी उठते रहे सवाल
बलकार सिंह सिद्धू रामपुरा फूल से AAP के मौजूदा विधायक हैं और क्षेत्र में पार्टी का सबसे प्रमुख निर्वाचित चेहरा भी। हालांकि, पिछले कुछ समय में संगठन और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका नाम राजनीतिक चर्चाओं में रहा है। सितंबर में मलूका नगर पंचायत में हाजिरी रजिस्टर को लेकर उनकी अकाली नेता सिकंदर सिंह मलूका के साथ तीखी बहस हुई थी। यह मामला स्थानीय राजनीति में काफी चर्चा में रहा। इससे पहले अगस्त में AAP के संगठनात्मक ढांचे में चार नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। उस समय एक नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष की ओर से पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप भी लगाया गया था। हालांकि, यह संबंधित नेता का आरोप था और इसे पार्टी की आधिकारिक राय नहीं माना जा सकता। चेयरमैन बनने के बाद मान की बढ़ी सक्रियता
इंदरजीत सिंह मान को जनवरी में मार्कफेड पंजाब का चेयरमैन बनाया गया। इसके बाद रामपुरा फूल विधानसभा क्षेत्र के गांवों में उनकी सक्रियता बढ़ी। अगस्त और सितंबर में उन्होंने कई गांवों में कार्यकर्ता बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मान की लगातार क्षेत्रीय मौजूदगी को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि, उनकी गतिविधियों को आगामी विधानसभा चुनाव की दावेदारी से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल इसे पार्टी के जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों के तौर पर ही देखा जा सकता है। भल्ला की नुक्कड़ बैठकों ने भी बढ़ाई हलचल AAP जिला प्रधान जतिंदर सिंह भल्ला भी रामपुरा फूल में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश करते नजर आए हैं। जुलाई में उनके स्तर पर विधानसभा क्षेत्र के गांवों और शहरी इलाकों में नुक्कड़ बैठकों का सिलसिला शुरू होने की बात सामने आई थी। एक तरफ विधायक का अपना राजनीतिक आधार है, दूसरी तरफ संगठन में जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं की क्षेत्रीय सक्रियता इन दोनों के बीच तालमेल आने वाले समय में पार्टी के लिए अहम रहने वाला है।

असली सवाल नेतृत्व नहीं, तालमेल का
रामपुरा फूल में तीनों नेताओं की अपनी-अपनी भूमिका और राजनीतिक पहुंच है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती यह होगी कि स्थानीय स्तर पर अलग-अलग नेताओं की सक्रियता को एकजुट संगठनात्मक ताकत में कैसे बदला जाए। कार्यकर्ताओं के बीच भी यही चर्चा है कि आने वाले समय में पार्टी की स्थानीय लाइन क्या होगी और चुनाव के करीब पहुंचने पर नेतृत्व किस चेहरे के इर्द-गिर्द अपनी रणनीति तैयार करेगा।



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