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रामपुर के खनेरी अस्पताल 2 माह से नहीं नेत्र विशेषज्ञ:हर रोज परेशान हो रहे मरीज, प्राइवेट हॉपिटल का ले रहे सहारा




शिमला जिले के रामपुर स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर खनेरी पिछले 2 महीनों से नेत्र विशेषज्ञ के बिना संचालित हो रहा है। यह अस्पताल शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी सहित 4 जिलों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। नेत्र विशेषज्ञ की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को इलाज के लिए 130 किलोमीटर दूर शिमला या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस समस्या का एक उदाहरण गुरुवार को भी सामने आया। कोटगढ़ क्षेत्र से एक व्यक्ति अपने बुजुर्ग पिता का आंखों का उपचार कराने खनेरी अस्पताल पहुंचा। लेकिन विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बिना इलाज के लौटना पड़ा। परिजनों ने बताया कि अब उन्हें शिमला या किसी निजी अस्पताल में इलाज कराना होगा। मरीजों को हो रही परेशानी खनेरी अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी में प्रतिदिन 60 से अधिक मरीज आते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण अधिकांश मरीजों की केवल प्रारंभिक जांच ही हो पाती है। ऑपरेशन, जटिल जांच और विशेष उपचार के लिए उन्हें शिमला रेफर किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना अतिरिक्त खर्च का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि जिला किन्नौर में 2 नेत्र विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं, जबकि खनेरी अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद यह पद 2 महीने से खाली है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बुजुर्गों और अन्य मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। 2 महीने पहले रिटायर हुए नेत्र विशेषज्ञ महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर खनेरी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पदम शर्मा ने बताया कि अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ करीब 2 महीने पहले रिटायर हो गए थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त है। उन्होंने यह भी बताया कि रिक्त पद की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में नए नेत्र चिकित्सक की तैनाती होगी।



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