Headlines

रास्ते के विवाद की पैमाइश के दौरान बुजुर्ग की मौत:हत्या में 3 जेल भेजे गए, दूसरे पक्ष ने एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप




देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के पिड़हनी गांव में रास्ते के विवाद की पैमाइश के दौरान बुजुर्ग की मौत का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। घटना के बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, अब दूसरे पक्ष का आरोप है कि उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि उनके परिवार के कई सदस्य भी हमले में घायल हुए थे, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी तहरीर पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। यह घटना 8 जुलाई की शाम करीब पांच बजे हुई थी। आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत के निस्तारण के लिए तत्कालीन एसडीएम अवधेश निगम राजस्व और पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे थे। पैमाइश के दौरान सर्वजीत यादव ने सीमांकन पर आपत्ति जताई और एसडीएम से किसी से मोबाइल पर बात कराने का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें डांटा, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग सर्वजीत यादव की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने एसडीएम की गाड़ी के सामने शव रखकर लगभग चार घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद दूसरे पक्ष के घर में घुसकर मारपीट किए जाने का भी आरोप है। दूसरे पक्ष का दावा है कि उनके परिवार के महिला-पुरुष घायल हुए और उनका इलाज अभी भी चल रहा है। वहीं, गांव के प्रधान पति राजेश्वर यादव और मौके पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि पैमाइश के दौरान किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई थी। ऐसे में हत्या के मुकदमे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 4 घंटे तक शव रखकर किया था प्रदर्शन सर्वजीत यादव की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों ने एसडीएम की गाड़ी के सामने शव रखकर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया और पैमाइश करने वाली टीम पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट बुजुर्ग की मौत के बाद विवाद और बढ़ गया। दूसरे पक्ष की महिरा अनीता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग उनके घर में घुस गए और महिलाओं व पुरुषों के साथ मारपीट की। उनका कहना है कि कई लोग घायल हुए, जिनका इलाज अभी भी चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने मारपीट से किया इनकार मृतक के बेटे ने तहरीर में आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने सर्वजीत यादव के साथ मारपीट कर धक्का दिया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि, गांव के प्रधान पति और मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने किसी प्रकार की मारपीट होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आईजीआरएस शिकायत की जांच को गई थी टीम प्रशासन का कहना है कि राजस्व टीम आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत के सत्यापन और पैमाइश के लिए गांव गई थी। अधिकारियों ने गलत पैमाइश और अभद्र व्यवहार के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के मुकदमे की विवेचना जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत और घायलों के आरोपों की भी जांच की जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *