Headlines

रेवाड़ी में एक भी दाना बाजरे की सरकारी खरीद नहीं:पहले दिन मंडी पहुंचा 3200 क्विंटल बाजरा, हैफेड ने नमी बताकर रिजेक्ट किया, 4 केंद्र बनाए




रेवाड़ी जिले की मंडियों में बाजरे की आवक शुरु हो चुकी है। सरकार के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर से सरकारी खरीद शुरू होने का दावा किया गया था, लेकिन पहले ही दिन स्थिति इसके विपरीत नजर आई। वीरवार को पहले दिन मंडियों में 140 से अधिक गेट पास काटे गए। प्राइवेट आढ़तियों द्वारा 3,200 क्विंटल से अधिक बाजरा खरीदा गया, जबकि सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों का एक भी दाना नहीं खरीदा गया। नियमों के अनुसार, हैफेड और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को किसानों का बाजरा खरीदना था। हालांकि इन्होंने बाजरे में नमी और गुणवत्ता खराब होने जैसी कमियां बताकर फसल को रिजेक्ट कर दिया। सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों को मजबूरी में अपनी फसल प्राइवेट आढ़तियों को 2200 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचनी पड़ी। बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए निर्धारित सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसमें 600 रुपए प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई योजना के तहत दिए जाने का प्रावधान है। अधिकारियों के मुताबिक, प्राइवेट आढ़तियों के पास होने वाली खरीद के आधार पर भी भावांतर का समायोजन तय नियमों के अनुसार किया जाएगा। रेवाड़ी जिले की मंडियों में यह खरीद आगामी 15 नवंबर तक चलेगी। इसके लिए प्रमुख मंडियों में एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की गई है। रेवाड़ी नई अनाज मंडी, बावल, कोसली व जाटूसाना में भी सरकार की ओर से बाजरा खरीद केंद्र बनाए गए हैं। मार्केट कमेटी सचिव बोले- नहीं हुई एक भी दाने की खरीद रेवाड़ी मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र यादव ने कहा कि पहले दिन हैफेड की ओर से एक भी दाने की सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। हैफेड ने कई कमियां बताया फसल को लेने से मना कर दिया। प्राइवेट आढ़तियों द्वारा 3,200 क्विंटल से अधिक बाजरा खरीदा गया। उन्होंने बताया कि मंडी में आने वाले किसानों की सुविधा के लिए परिसर में 8 वाटर कूलर, किसान कैंटीन, किसान भवन और निर्बाध बिजली-पानी की व्यवस्था की गई है। साथ ही, किसी भी प्रकार की परेशानी या शिकायत के समाधान के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *