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रेवाड़ी जिले के गांव नैहचाना की जमीन को कथित तौर पर धोखाधड़ी से हड़पने और बेचने के प्रयास के मामले में थाना बावल पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी महिपाल को कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महिपाल निवासी राजनौता, जिला कोटपूतली-बहरोड़ (राजस्थान), बबीता निवासी पलवली, जिला फरीदाबाद और राजकुमार उर्फ राजू निवासी कटरिया, जिला कटिहार (बिहार) के रूप में हुई है। गांव नैहचाना निवासी आशा देवी ने 29 अप्रैल को बावल थाना पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसकी जमीन हड़पने के लिए आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची। आरोप है कि उसकी जगह दूसरी महिला को आशा देवी बनाकर खड़ा किया गया, जबकि उसके पति शक्ति सिंह की जगह महीपाल को पेश किया गया। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड का इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और इंतकाल दर्ज कराने का प्रयास किया गया। शिकायत के आधार पर बावल थाना पुलिस ने 23 मई को धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता आशा देवी, उषा और शक्ति सिंह के मूल आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रतियां कब्जे में लीं। तहसीलदार से जमीन से संबंधित वसीका नंबर 9496 दिनांक 23 फरवरी 2026 और वसीका नंबर 3650 दिनांक 19 मार्च 2026 भी हासिल किए गए। जमीन की मालिक मिली आशा और उषा जांच में पुलिस ने वर्ष 2022 की जमाबंदी हासिल की। इसमें आशा और उषा पुत्रियां मुंशी सिंह को संबंधित जमीन का मालिक और काबिज पाया गया। पुलिस ने इंतकाल नंबर 2909 भी कब्जे में लिया। जांच में यह इंतकाल डीसी स्तर से खारिज किया जाना पाया गया। इकरारनामे में 20 लाख के लेनदेन का जिक्र पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपी महीपाल द्वारा महेश शर्मा और सुरेश के साथ जमीन का इकरारनामा किया गया था। पुलिस ने इकरारनामा और महीपाल की बैंक स्टेटमेंट कब्जे में ली। जांच के अनुसार इकरारनामे में 4 लाख रुपए नकद और 6 लाख और 10 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए दिए जाने की जानकारी मिली। महीपाल पहले से बावल थाने के एक अन्य मुकदमे में जिला जेल रेवाड़ी में बंद था। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट में पेश कराकर इस मामले में शामिल जांच किया। पुलिस के अनुसार साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर बबीता और राजकुमार उर्फ राजू को पकड़ा गया। दोनों को भी साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शेष जांच की कार्रवाई अभी बाकी है। फर्जी रजिस्ट्री के लिए बदली गई पहचान आशा देवी का आरोप था कि वह अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराने बावल तहसील स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय गई ही नहीं थी। इसके बावजूद उसकी जगह दूसरी महिला को आशा देवी बनाकर पेश किया गया। वहीं, उसके पति शक्ति सिंह की जगह महीपाल को खड़ा किया गया। पुलिस जांच में फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड के इस्तेमाल और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज सामने आए। संबंधित इंतकाल भी बाद में डीसी स्तर से खारिज किया गया। पुलिस के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को गांव नैहचाना निवासी आशा ने थाना बावल में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महिपाल, सूरज, रोहतास कुमार और 2 अज्ञात महिलाओं ने कथित तौर पर षड्यंत्र रचकर उसकी जमीन हड़पने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी और उसकी बहन की जगह दूसरी महिलाओं को खड़ा कर उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया और अचल संपत्ति का धोखाधड़ी से हस्तांतरण करवाकर उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया गया। शिकायत के आधार पर थाना बावल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मामले में संलिप्त बताए जा रहे 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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रेवाड़ी में फर्जी महिला पेश कर बेच दी जमीन:धोखाधड़ी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, 20 लाख रुपए के लेनदेन का खुलासा
