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लखनऊ के इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार को बलराम पूर्णिमा का उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर हरे कृष्ण महामंत्र के जयघोष और भजनों से गूंज उठा। भक्तों ने भगवान बलराम का अभिषेक, विशेष आरती और कीर्तन कर महोत्सव मनाया। इस दौरान मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने भगवान बलराम को आदि गुरु बताते हुए उनकी कृपा से कृष्ण भक्ति प्राप्त होने का महत्व बताया। अपरिमेय श्याम प्रभु ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान हैं और बाकी सभी उनकी सेवा करते हैं। भगवान की सेवा के लिए बलराम जी का सहारा जरूरी है। बलराम जी आदि गुरु और सभी गुरुओं के गुरु माने जाते हैं। वे शांत, दास्य, सख्य, वात्सल्य और माधुर्य भाव से भगवान श्रीकृष्ण की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने हृदय में भगवान का आविर्भाव चाहता है तो उसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर जैसे छह अनर्थों को दूर करना होगा। यह गुरु की शरणागति से संभव है। बलराम कृपा से मिलती है कृष्ण भक्ति अपरिमेय श्याम प्रभु ने बताया कि बलराम जी अनंत ब्रह्मांडों का भार संभालते हुए भगवान की सेवा करते हैं। वे गुरु तत्व के स्वरूप हैं। उनकी कृपा के बिना भगवान की भक्ति और कृष्ण प्रेम प्राप्त करना संभव नहीं है। महोत्सव की शुरुआत मंदिर अध्यक्ष ने भगवान बलराम के अभिषेक से की। इसके बाद विशेष आरती, कीर्तन और नृत्य हुआ। भक्तों ने बलराम पूर्णिमा की कथा और महात्म्य का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने एकादशी प्रसाद ग्रहण किया।
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लखनऊ इस्कॉन मंदिर में बलराम पूर्णिमा महोत्सव:भक्तों ने अभिषेक, आरती और कीर्तन कर मनाया पर्व
