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लखनऊ में रविवार को लॉ मार्टीनियर कॉलेज में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 11 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। डॉ. कलाम ट्रस्ट के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जस्टिस सय्यद कमर हसन रिजवी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र, सोशल एक्टिविस्ट, डॉक्टर समेत विभिन्न प्रोफेशन के लोगों ने श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के आयोजक अब्दुल नसीर नासिर ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य है कि डॉक्टर कलाम के प्रति युवाओं को जागरूक करना उनके संदेश को जन – जन तक पहुंचाना। इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ के न्यायाधीश सय्यद कमर हसन रिजवी ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोगों ने डॉक्टर कलाम की शख्सियत का लोहा माना है। उनको श्रद्धांजलि देकर हम खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। ‘युवा ऊर्जा का सकारात्मक इस्तेमाल करें’ जस्टिस कमर ने कहा कि डॉक्टर कलाम को भारत रत्न पर गर्व नहीं है, बल्कि उन्हें भारत रत्न देने से भारत रत्न का गौरव बढ़ा है। उन्होंने हमेशा कुछ न कुछ करते रहना अपने जीवन का मिशन बना लिया था। पूरा जीवन एक छात्र के रूप में सीखा और सिखाया। आज युवा पीढ़ी को डॉक्टर कलाम को अधिक से अधिक पढ़ना चाहिए। समाज में बदलाव लाने वाली सोच पैदा करना चाहिए। हमारे युवाओं में बहुत ऊर्जा है बस जरूरत इस बात की है उसका इस्तेमाल सकारात्मक रूप से करें। ‘कलाम ने संघर्ष करना सिखाया’ कार्यक्रम के दौरान कलाम ट्रस्ट के अध्यक्ष अब्दुल नसीर नासिर ने कहा कि डॉक्टर कलाम ने नई पीढ़ी को सपने देखना और उसे पूरा करने के लिए संघर्ष करना सिखाया। छात्रों को हर दिन कुछ न कुछ सीखते रहना चाहिए। तभी हम कलाम साहब के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद कर पाएंगे। उनके जीवन के किसी भी पहलू पर गौर किया जाए तो एक नई सीख मिलती है। उनका सम्पूर्ण जीवन उदाहरण है सभी लोगों के लिए।
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लखनऊ में डाक्टर कलाम की पुण्यतिथि मनाई गई:पूर्व राष्ट्रपति को दी गई श्रद्धांजलि, जस्टिस कमर बोले- डॉ. कलाम भारत का गौरव
