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लुधियाना में लोगों ने पकड़ा नौसरबाज ठग:गुमशुदा लोगों के विज्ञापन देख परिवारों को करता था फोन, खुद को बताता था टैक्सी ड्राइवर




लुधियाना की काली सड़क-नूरवाला रोड इलाके में लोगों ने एक ऐसे कथित ठग को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जो गुमशुदा लोगों के विज्ञापन देखकर उनके परिवारों को फोन करता था। आरोपी खुद को टैक्सी ड्राइवर बताकर परिवारों से कहता था कि उनका लापता व्यक्ति उसे जम्मू या किसी अन्य राज्य में मिला है। इसके बाद वह लापता व्यक्ति को परिवार तक पहुंचाने के नाम पर टैक्सी का किराया मांगता था। उनसे कहता था कि आपका लापता व्यक्ति अभी होटल में रखा हुआ है। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है वह सो रहा है। आरोपी ने अपने मोबाइल में टैक्सी की फोटो भी रखी हुई थी, जिसे वह परिवारों को भेजकर खुद को टैक्सी ड्राइवर बताता था। बताया जा रहा है कि वह अपने एक साथी को भी टैक्सी ड्राइवर बनाकर परिवारों से बात करवाता था। अपना QR कोड नहीं देता था, दुकानदारों का स्कैनर लेता था आरोपी कथित तौर पर ठगी के पैसे लेने के लिए अपना QR कोड शेयर करने से बचता था। इसके बजाय वह अलग-अलग दुकानों पर जाकर दुकानदारों से कहता था कि उसकी पत्नी गर्भवती है और उसे पैसों की जरूरत है। वह दुकानदार से उसका स्कैनर/QR कोड इस्तेमाल करने के लिए मांगता था। नूरवाला रोड के एक दुकानदार ने आरोपी को अपना स्कैनर इस्तेमाल करने दिया। बाद में दुकानदार का बैंक खाता फ्रीज हो गया। बैंक से जानकारी मिलने पर पता चला कि उत्तर प्रदेश से जुड़े साइबर फ्रॉड के कारण खाते पर कार्रवाई हुई है। इसके बाद दुकानदार ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दूसरी बार 1500 रुपए के लिए स्कैनर लेने आया तो दबोचा
बताया जा रहा है कि आरोपी दोबारा दुकानदार के पास करीब 1500 रुपए के लेनदेन के लिए स्कैनर लेने पहुंचा। इसी दौरान दुकानदार और आसपास के लोगों ने उसे दबोच लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई भी की। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना नाम जसप्रीत बताया है और वह नूरवाला रोड का रहने वाला बताया जा रहा है। मोबाइल में मिले कई WhatsApp और बड़ी संख्या में नंबर लोगों के मुताबिक आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर करीब तीन WhatsApp अकाउंट मिले। मोबाइल में बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल नंबर भी मिले हैं, जिनसे आरोपी के संपर्क में रहने या कथित ठगी से जुड़े होने की बात सामने आई है। लोगों ने आरोपी को पकड़ने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी। मामले में एडवोकेट वैभव जैन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी गुमशुदा लोगों के विज्ञापनों को निशाना बनाकर उनके परिवारों से संपर्क करता था और लापता व्यक्ति के मिलने की बात कहकर पैसे मांगता था। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ के बाद ही ठगी के पूरे नेटवर्क का पता करने की कोशिश की जा रही है। थाना बस्तीजोधेवाल की पुलिस को आरोपी लोगों ने पकड़वाया।



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