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वाराणसी में वरुणा नदी पर एलिवेटेड कॉरिडोर को कैबिनेट से अप्रूवल मिल गया है। इससे वाराणसी में ट्रैफिक का फ्लो बढ़ेगा और ट्रैफिक कंजेशन कम होगा। इसके साथ ही, वाराणसी में गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर को भी कैबिनेट की अप्रूवल से वाराणसी में 46 किलोमीटर का 14448 करोड़ की लागत से गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा 1 घंटे का सफर
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘गंगा कॉरिडोर’ है। दावा किया जा रहा है कि गंगा कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यात्रियों का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। इस कॉरिडोर की मदद से जिस दूरी को तय करने में अभी लगभग 60 मिनट का समय लगता है, वो सफर घटकर सिर्फ 20 मिनट का रह जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का काफी समय बचेगा। क्या है गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर?
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड रोड होगी। इसकी लंबाई करीब 46 किलोमीटर होगी। यह नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर के जरिए अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच आसान हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद वाराणसी के कई हिस्सों के बीच सफर का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह होगी कि इसे इस तरह तैयार किया जाएगा कि गंगा नदी और घाटों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान न पहुंचे। इसमें केबल स्टेड ब्रिज यानी तारों पर टिके पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए व्यूपॉइंट और दर्शक गैलरी भी बनाई जाएंगी, जहां से लोग गंगा और घाटों का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे। गंगा पार करने के लिए तीन पैदल झूला पुल भी बनाए जाने की योजना है।
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वाराणसी के एलिवेटेड कॉरिडोर को कैबिनेट से मिली मंजूरी:14448 करोड़ की लागत से होगा तैयार,सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा 1 घंटे का सफर
