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शिमला स्थित कमला नेहरू राज्य मातृ एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) के खाली होने वाले परिसर में विधायकों के आवास नहीं बनाए जाएंगे। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव के इस बयान को रिकॉर्ड पर लिया है। सरकार ने अदालत को बताया कि अस्पताल परिसर की खाली जगह का इस्तेमाल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस बिपिन चंद नेगी की खंडपीठ फालमा चौहान की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव और आईजीएमसी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. रीता मित्तल ने अदालत में हलफनामे दाखिल किए। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि केएनएच में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर में विधायकों के आवास बनाने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है। आईजीएमसी में गायनी विभाग को कम जगह अदालत के सामने आईजीएमसी में गायनी विभाग को दी गई जगह का मुद्दा भी आया। केएनएच में गायनी विभाग के पास करीब 1,600.95 वर्ग मीटर जगह थी, जबकि आईजीएमसी में इस विभाग के लिए 1,329.55 वर्ग मीटर जगह आवंटित की गई है। इनमें करीब 60.90 वर्ग मीटर क्षेत्र में अभी निर्माण कार्य चल रहा है। डॉ. रीता मित्तल के हलफनामे के आधार पर हाईकोर्ट ने पाया कि आईजीएमसी में गायनी विभाग को केएनएच की तुलना में कम जगह मिली है। सरकार ने बताया कि जब चमियाणा में सुपर स्पेशियलिटी विभागों को स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद अस्पताल की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त जगह चिन्हित कर आवंटित की जाएगी। 20 करोड़ की लागत से बना था अस्पताल स्वास्थ्य सचिव ने हलफनामे में बताया कि केएनएच का निर्माण 16.09 बीघा भूमि पर किया गया है। अस्पताल का कुल निर्मित क्षेत्र करीब 18,564.25 वर्ग मीटर है। वर्ष 2019 में इसके निर्माण पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। हाईकोर्ट ने सरकार को अस्पताल के लिए अतिरिक्त जगह आवंटित करने की योजना और भविष्य की व्यवस्था को लेकर नया हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर 2026 को होगी। शिमला के लोग कर रहे सरकार के फैसले का विरोध बता दें कि जनवादी महिला समिति, केएनएच स्टाफ समेत शिमला के महिलाएं लंबे समय से केएनएच से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिमला करने का विरोध कर रहे है। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा। सरकार पर आरोप लग रहे थे कि गायनी ओपीडी को विधायकों के आवास बनाने के मकसद से शिफ्ट किया है।
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शिमला के KNH परिसर में नहीं बनेंगे विधायकों के आवास:हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई; सरकार बोलीं-खाली जगह से बढ़ेंगी मातृ-शिशु सेवाएं
