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पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियानों के दावों के बीच संगरूर जिले के झाडों गांव से बेहद खौफनाक और शर्मनाक वारदात सामने आई है। गांव में खुलेआम नशा बेचने का विरोध करने पर बेखौफ तस्करों ने गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और इस दौरान धार्मिक मर्यादा तार-तार करते हुए गातरा साहिब की बेअदबी भी की। हद तो तब हो गई जब मामले को शांत कराने और बात करने पहुंचे गांव के मौजूदा सरपंच और पंचायत सदस्यों पर तस्करों ने ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। ग्रंथी को बंधक बनाया, सरपंच का सिर फोड़ा पीड़ित सरपंच के मुताबिक, गांव का ही सुखबीर नामक व्यक्ति लंबे समय से इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। जब गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ने उसे गांव के युवाओं को नशा बेचने से टोका, तो तस्करों ने आपा खो दिया और ग्रंथी को बंधक बनाकर उन पर पत्थरों व लाठियों से हमला कर दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही जब गांव के सरपंच और पंचायत सदस्य मामले को सुलझाने तस्कर के घर पहुंचे, तो आरोपियों ने छत से ईंटें और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस हमले में गांव के मौजूदा सरपंच का सिर फटने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रंथी और सरपंच दोनों को संगरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉ. रिया ने बताया कि सिर में गंभीर चोट के कारण मरीज का इलाज किया जा रहा है। डेढ़ महीने पहले ही जेल से छूटा है आदतन अपराधी जानकारी के अनुसार, हमलावर तस्करों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य आरोपी पर पहले भी एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और नशा तस्करी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह महज डेढ़ महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से नशीले पदार्थों का काला कारोबार शुरू कर दिया। गांववासियों में इस दुस्साहसिक वारदात और धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन को लेकर भारी रोष है। पीड़ित सरपंच और पंचायत ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि गांव में भय का माहौल खत्म हो सके।
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संगरूर में ड्रग तस्करों ने ग्रंथी और सरपंच को पीटा:शिकायत करने पर बनाया बंधक, ईंटों से किया हमला, दोनों अस्पताल में भर्ती
