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सड़कों की बदहाली पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा:जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य बोले- तीन साल में धरातल पर काम जीरो, केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर और दरभा घाट में चलना मुश्किल




बस्तर संभाग की बदहाल सड़कों को लेकर बस्तर जिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने मंगलवार को राजीव भवन में प्रेसवार्ता कर केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट की सड़क की स्थिति पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे और वाहवाही में व्यस्त है, जबकि धरातल पर जनता जर्जर सड़कों, गड्ढों और आवागमन की परेशानियों से जूझ रही है। मौर्य ने कहा कि ये सड़कें बस्तर की महत्वपूर्ण जीवनरेखाएं हैं और इन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री, व्यापारी और वाहन चालक आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

उन्होंने सरकार से इन मार्गों को लेकर श्वेतपत्र जारी करने और अब तक हुए कार्यों के साथ आगामी कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग की।

36 करोड़ के दरभा घाट कायाकल्प पर सवाल कांग्रेस अध्यक्ष ने दरभा घाट के कायाकल्प को लेकर स्थानीय विधायक किरण देव के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 36 करोड़ रुपए की लागत से दरभा घाट के कायाकल्प की बात कही गई थी, लेकिन अब तक धरातल पर अपेक्षित काम दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने बस्तर सांसद महेश कश्यप से भी केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट की सड़कों की स्थिति पर जवाब मांगा।

मौर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए करीब तीन साल हो चुके हैं, लेकिन बस्तर की सड़कों की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जनता रोजाना इन बदहाल मार्गों पर जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर है।

अधिकारी को कई प्रभार देने पर भी उठाए सवाल

प्रेसवार्ता में मौर्य ने लोक निर्माण विभाग से जुड़े प्रशासनिक प्रभार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक महिला अधिकारी को कई महत्वपूर्ण कार्यों का प्रभार दिए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में उन्होंने कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।

मौर्य ने कहा कि NH-30, NH-63, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग, 130-D और सेतु निर्माण शाखा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का प्रभार एक ही अधिकारी के पास होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक किरण देव और सांसद महेश कश्यप से इस मामले में सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की।



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