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लखनऊ में सोमवार शाम जेसीबी की टक्कर से स्कूटी सवार जीजा-साली की मौत हो गई। हादसा आलमबाग के मवैया तिराहे पर हुआ था। दोनों को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन दोनों के शव लेकर आलमबाग थाने पहुंचे और सामने रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मुख्य चालक को गिरफ्तार करने के बजाय दूसरे व्यक्ति को पकड़ लिया है। पुलिस ने काफी देर तक समझाने के बाद परिजनों को शांत कराया। मृतकों की पहचान पुराना सरदारी खेड़ा निवासी शफीकुल हसन (62) और उनकी साली वसीम जहां उर्फ रानी (52) के रूप में हुई है। शफीकुल की घर से कुछ दूरी पर पुरानी मस्जिद के पास मीट की दुकान है। वह पत्नी शमीम, बेटे और दो बेटियों के साथ रहते थे। बेटी की ससुराल जा रहे थे दोनों परिजनों के मुताबिक, सोमवार शाम शफीकुल अपनी साली वसीम जहां उर्फ रानी के साथ स्कूटी से मदेहगंज स्थित बेटी की ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान मवैया तिराहे पर जेसीबी ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। जेसीबी छोड़कर भागा चालक हादसे के बाद चालक जेसीबी मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंचे। एक साथ दो मौतों से परिवार में चीख-पुकार मच गई। पोस्टमार्टम के बाद थाने पहुंचे परिजन मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन दोनों के शव लेकर आलमबाग थाने पहुंचे। उन्होंने शव थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने हादसे के जिम्मेदार मुख्य चालक को गिरफ्तार नहीं किया है, बल्कि किसी दूसरे व्यक्ति को पकड़ लिया है। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस ने परिजनों को समझाया। काफी देर तक बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया।
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सड़क हादसे में जीजा-साली की मौत, थाने के सामने प्रदर्शन:परिजनों का आरोप- पुलिस ने मुख्य चालक को छोड़ दूसरे को पकड़ा, मवैया तिराहे पर हुआ था हादसा
