![]()
स्वर्णनगरी जैसलमेर में सावन के दूसरे सोमवार पर शिवभक्ति का अनोखा रंग देखने को मिला। इस पावन अवसर पर ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर से एक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। सफेद पारंपरिक वेशभूषा पहनकर और माथे पर त्रिपुंड लगाकर निकले भक्तों के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। यात्रा में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। गड़ीसर सरोवर से पवित्र जल भरकर 11 कांवड़िए पटवा हवेली के पास स्थित प्रसिद्ध तिरंगेश्वर महादेव मंदिर के लिए रवाना हुए। इस धार्मिक आयोजन को लेकर शहरवासियों और श्रद्धालुओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखा गया। तिरंगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद कांवड़ियों द्वारा लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। शाम के समय मंदिर प्रांगण में एक भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। इसमें विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद का वितरण होगा। 3 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे मंदिर गड़ीसर सरोवर से जल भरने के बाद कांवड़िए शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से होते हुए तिरंगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। पूरे रास्ते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने लगभग 3 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपनी भक्ति का परिचय दिया। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया। पारंपरिक परिधान और त्रिपुंड बना आकर्षण कांवड़ यात्रा के दौरान सभी शिवभक्त विशेष पारंपरिक सफेद परिधानों में नजर आए। माथे पर सुशोभित त्रिपुंड और हाथ में उठाई कांवड़ शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। यात्रा में छोटे बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने आयोजन में नई ऊर्जा भर दी। जलाभिषेक और भव्य रुद्राभिषेक तिरंगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद कांवड़ियों द्वारा लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। मंदिर समिति के अनुसार, शाम के समय मंदिर प्रांगण में एक भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। इसमें विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद का वितरण होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
Source link
सफेद कपड़ों में त्रिपुंड लगा कर निकले कांवड़िए:सरोवर से जल भरकर तिरंगेश्वर मंदिर पहुंचे शिवभक्त, शाम को रुद्राभिषेक
