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सरगुजा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य में प्रतिबंधित किए गए एनालॉग पनीर की जांच के लिए अभियान चलाते हुए एक बस से डेढ़ क्विंटल पनीर जब्त किया है। मामले में प्रतिबंधित श्रेणी का पनीर के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। खाद्य विभाग ने सभी डेयरी संचालकों और होटलों के संचालकों को नोटिस भेजा है। छत्तीसगढ़ शासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत राज्य में डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) तथा अन्य गैर-दुग्ध डेयरी प्रोडक्ट्स के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 31 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सरगुजा की टीम रविवार प्रातः लगभग 5 बजे नए बस स्टैंड अंबिकापुर पहुंची, जहां बसों एवं अन्य वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान राजहंस ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 15 EC 0828 से प्रतिबंधित श्रेणी के पनीर का परिवहन किया जाना पाया गया। टीम ने तत्काल उक्त सामग्री को जब्त करते हुए अवैध परिवहन के संबंध में प्रकरण दर्ज किया गया है। डेयरी व होटल संचालकों को नोटिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष जांच अभियान में बस, जीप, मालवाहक वाहन सहित अन्य परिवहन साधनों की नियमित एवं आकस्मिक जांच की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले के सभी डेयरी उत्पादों के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा अन्य होटल संचालकों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में व्यापारियों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई है कि किसी भी प्रकार का पनीर अथवा अन्य दुग्ध उत्पाद बिना वैध स्रोत, क्रय बिल एवं आपूर्तिकर्ता की जानकारी के खरीद, बिक्री न करें। जिन संस्थानों में प्रतिबंधित पनीर पाया जाएगा, उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुबह की गई जांच कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सरगुजा के खाद्य सुरक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत यादव एवं तुलेश्वर सिंह तथा पुलिस विभाग से राजेंद्र बाखला उपस्थित रहे।
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सरगुजा में बस से जब्त हुआ डेढ़ क्विंटल प्रतिबंधित पनीर:डेयरी, होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा विभाग ने भेजा नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
