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बारां शहर में एक ओर हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इन्हीं पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीमेंटेड ट्री-गार्ड क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। कोटा रोड पर सहकार भवन से मिनी सचिवालय तक सड़क किनारे लगे कई ट्री-गार्ड पिछले कुछ ही दिनों में तोड़े गए हैं।
इससे न केवल पौधों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि नगर परिषद को भी सरकारी संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हर ट्री-गार्ड की अनुमानित कीमत 2 हजार
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद ने पिछले वर्ष पौधारोपण अभियान के दौरान इस मार्ग पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए थे। उनकी सुरक्षा के लिए सीमेंटेड ट्री-गार्ड स्थापित किए गए थे। प्रत्येक ट्री-गार्ड की अनुमानित कीमत करीब 2 हजार रुपए बताई जा रही है। अब इनमें से कई ट्री-गार्ड टूटे पड़े हैं, जिससे आवारा पशुओं से पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। सबसे अहम बात यह है कि यह शहर का वीआईपी मार्ग माना जाता है। इसी रास्ते से जिला कलेक्टर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की रोजाना आवाजाही रहती है। इसके बावजूद, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में बढ़ी चिता
शहर में हाल ही विवेकानंद पार्क में बिना अनुमति 17 से अधिक पेड़ काटे जाने के मामले को लेकर लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में पहले से ही नाराजगी है। ऐसे में अब पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री-गार्ड टूटने की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार और नगर परिषद हरियाली बढ़ाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर पौधारोपण कर रही है, वहीं दूसरी ओर पौधों की सुरक्षा के इंतजाम ही नहीं बच पा रहे हैं। लोगों ने ट्री-गार्ड तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कलेक्टर, नगर परिषद आयुक्त को जानकारी ही नहीं
इधर, कलेक्टर बालमुकुंद असावा का कहना है कि उन्हें इस मामले का पता नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो वे परिषद अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
वहीं, कार्यवाहक आयुक्त दशरथ मीणा ने भी ट्री-गार्ड तोड़ने की जानकारी नहीं होने की बात कही और बताया कि वे जानकारी लेकर बाद में सूचित करेंगे।
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सहकार भवन से मिनी सचिवालय तक ट्री-गार्ड तोड़े:पौधों की सुरक्षा पर संकट, सरकारी संपत्ति का नुकसान
