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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक धोखाधड़ी मामले में आरोपी अक्षय खोडे को अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया।
मामला दो निजी कंपनियों एगोरा इंक और डीएसजीआरपी के बीच पैसों के विवाद से जुड़ा है। जानिये क्या है मामला आरोप है कि आवेदक, जो एगोरा इंक में कर्मचारी है, ने सह-आरोपी हेम राम और संदीप शाकुनिया के साथ मिलकर डीएसजीआरपी के सर्वर का दुरुपयोग किया और लगभग 21 लाख रुपये का गबन किया। शिकायतकर्ता कंपनी की फर्जी ई-मेल आईडी बनाने और अतिरिक्त धन ऐंठने की धमकी देने का भी आरोप है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338 और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत दर्ज है।याची अधिवक्ता का कहना था कि यह मामला निजी विवाद है जिसे आपराधिक रंग दिया गया है, और याची के खिलाफ धोखाधड़ी या जालसाजी के अपराध का कोई ठोस आधार नहीं बनता। कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की शक्ति होने का मतलब यह नहीं कि हर मामले में गिरफ्तारी अनिवार्य है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, बिना गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए, कोर्ट ने सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर की।
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साइबर धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत मंजूर:कानपुर नगर का मामला, आरोपी अक्षय खोडे को राहत
