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सीकर जिले के जीणमाता में पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने को लेकर दुकानदारों ने विरोध जताया है। आज जीणमाता के कई दुकानदार सीकर स्थित वन विभाग के कार्यालय पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया। दुकानदारों ने दांता रेंज के फोरेस्ट ऑफिसर पर वर्ग विशेष के रेहड़ी-ठेले वाले और अस्थाई दुकानदारों पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। आज दर्जनों की संख्या में रेहड़ी और अस्थाई दुकानदार DFO ऑफिस पहुंचे। दुकानदारों ने कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और एक समान कार्रवाई की मांग की है। दुकानदारों के साथ आए धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि जीणमाता में कई दुकानदारों के परिवार कई सालों से तिरपाल लगाकर अस्थाई दुकानें चलाकर परिवार पालन-पोषण कर रहे थे। गत 30 जुलाई को वन विभाग की टीम ने रेंज अधिकारी की मौजूदगी में वर्ग विशेष के दुकानदारों को वन भूमि पर अतिक्रमण बताते हुए हटा दिया। दुकानदारों का आरोप है कि जहां कार्रवाई की गई उसी जगह में वन विभाग की जमीन पर संचालित अन्य सैकड़ों दुकानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि अस्थाई दुकानें लगाने के लिए ग्राम पंचायत शुल्क भी लेती रही है। दुकानदारों की मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और वन विभाग अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है तो सभी दुकानों पर समान रूप से नियम लागू किए जाएं।
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सीकर के जीणमाता में अतिक्रमण हटाने का विरोध:दुकानदारों ने वन विभाग के ऑफिस पर नारेबाजी कर कार्रवाई में भेदभाव के आरोप लगाए
