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सीवान में पहला ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ शुरू:283 पंचायतें जुड़ेंगी, पहले चरण में 231 केंद्र खुलेंगे, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर




सीवान में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और जीविका दीदियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सीवान सदर प्रखंड की जियाय पंचायत में जिले के प्रथम ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ का शुभारंभ जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने फीता काटकर किया। इस केंद्र के माध्यम से जीविका दीदियों को स्वरोजगार के साथ-साथ व्यवसाय संचालन और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उद्घाटन के दौरान जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि महिलाएं अपनी मेहनत और क्षमता के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे सकें। सिर्फ योजनाओं का लाभ नहीं, आय के स्थायी अवसर जरूरी जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें स्थायी रोजगार, स्वरोजगार और आय के बेहतर अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन और उद्यमिता के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। 283 पंचायतों को योजना से जोड़ने की तैयारी जिले की सभी 283 पंचायतों को इस पहल से जोड़ने की योजना है। प्रथम चरण में 231 पंचायतों में ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ खोले जाएंगे, जबकि शेष 52 पंचायतों को दूसरे चरण में योजना से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। जीविका और सुधा के समन्वय से बढ़ेगी महिला उद्यमिता कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि जीविका और सुधा यानी कॉम्फेड के समन्वित प्रयास से महिला उद्यमिता को मजबूती मिलेगी। बिक्री केंद्रों के माध्यम से जीविका दीदियों को व्यवसाय संचालित करने और बाजार तक अपनी पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ने के साथ परिवार और समुदाय की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अधिक से अधिक महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका सीवान करुणा शंकर ने कहा कि जीविका का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, व्यवसाय संचालन और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। जिले में इस पहल का विस्तार कर अधिक से अधिक जीविका दीदियों को स्थायी आजीविका और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।



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