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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पिछली भाजपा सरकार पर हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह चरमराने का आरोप लगाया। रविवार को नादौन विधानसभा क्षेत्र के कांगू में’जन स्वास्थ्य शिविर’ का शुभारंभ करने के बाद कहा कि उन्हें विरासत में भारी भरकम कर्ज मिला था। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने सत्ता संभाली, तब प्रदेश पर 76,707 करोड़ रुपये का भारी कर्ज था और साथ ही पिछली सरकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये की कर्मचारी देनदारियां (लायबिलिटीज) भी छोड़कर गई थी, जिसके कारण वर्तमान सरकार को पुराना कर्ज चुकाने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹500 करोड़ का बड़ा निवेश; एम्स जैसी मिलेंगी सुविधाएं मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए बजट में कोई कमी नहीं आने दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक और उन्नत डायग्नॉस्टिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं, जो वर्तमान में केवल दिल्ली के एम्स (AIIMS) में उपलब्ध हैं। राज्य के 70 आदर्श चिकित्सा संस्थानों को मजबूत करने के लिए 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 विशेषज्ञ और 150 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सीधी भर्ती की जा रही है। नादौन, कांगू, गलोड़ और धनेटा के स्थानीय अस्पतालों में भी डॉक्टरों की नियुक्तियां सुनिश्चित कर दी गई हैं। जोल सप्पड़ मेडिकल कॉलेज का जल्द होगा आगाज मुख्यमंत्री सुक्खू ने घोषणा की कि जोल सप्पड़ स्थित ‘डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज’ का भवन पूरी तरह तैयार कर जल्द ही इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके परिसर में उत्तर भारत का पहला ‘अलाइड हेल्थ सर्विसेज संस्थान’ खोला जा रहा है, जिसमें इसी शैक्षणिक सत्र से दाखिले शुरू करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इन स्वास्थ्य शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कांगू स्कूल को मिलेगा ‘डे बोर्डिंग’ का दर्जा शिक्षा क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगू सीनियर सेकेंडरी स्कूल को अपग्रेड करके ‘राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल’ का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही वहां के प्राथमिक स्कूल (प्राइमरी स्कूल) के नए आधुनिक भवन का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
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सुक्खू बोले- बीजेपी 76,707 करोड़ का कर्ज दे गई थी:1000 करोड़ की कर्मचारियों की देनदारियां भी थीं, फिर भी हिमाचल विकास की राह पर
