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बक्सर में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से फरक्का जल संधि को लेकर ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम हो रहा है। इस पर बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें बक्सर और आरा में घूमने के बजाय अपने क्षेत्र मिथिला की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि संजय झा बक्सर और आरा में घूमकर फरक्का जल संधि को लेकर लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पहले अपने इलाके की समस्याओं को देखना चाहिए। बक्सर-आरा के बजाय मिथिला जाने की दी नसीहत उन्होंने कहा, “संजय झा जी, आप बक्सर और आरा में घूमने के बजाय मिथिला, मधुबनी या झंझारपुर चले जाते। जहां पान, मछली और मखाना लोगों के भोजन और रोजगार का अहम हिस्सा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में करीब चार हजार तालाब गायब हो गए हैं। अगर इन तालाबों को बचाने का काम किया गया होता, तो आज मिथिला क्षेत्र के लोग मछली, पान और मखाना के उत्पादन से समृद्ध होते। सुधाकर सिंह ने कहा कि जब तालाब ही गायब हो गए, तो मछली और मखाना के उत्पादन पर भी असर पड़ा। चार हजार तालाब गायब होने का लगाया आरोप सुधाकर सिंह ने यह भी कहा कि बिहार के किसानों की असली समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में संजय झा फरक्का जल संधि को लेकर कार्यक्रम कर रहे हैं, वहां किसानों के सामने उस तरह की समस्या नहीं है, जिस समस्या को लेकर वह घूम रहे हैं। सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की मांग सांसद ने कहा कि बक्सर और आसपास के इलाकों में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि कई जगहों पर सिर्फ पंप लगाने से ही किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सकता है। इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। किसानों की समस्याओं पर काम करने की अपील उन्होंने आखिर में कहा कि राजनीतिक कार्यक्रम करने के बजाय सरकार और सत्ताधारी दल के नेताओं को किसानों की जमीनी समस्याओं पर काम करना चाहिए। फरक्का जल संधि के मुद्दे पर जनता दल यूनाइटेड की ओर से चलाए जा रहे अभियान को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले स्थानीय समस्याओं का समाधान जरूरी है।
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सुधाकर सिंह बोले- संजय झा मिथिला की चिंता करें:वहां 4 हजार तालाब गायब हो गए; फरक्का जल संधि पर कहा- आरा-बक्सर की चिंता छोड़ें
