Headlines

स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:जब मनचाही चीज न मिले, तो दुख होता है; मिल जाए, तो उसे बचाने की चिंता होती है


  • Hindi News
  • Jeevan mantra
  • Dharm
  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; When We Don’t Get What We Desire, We Suffer; And When We Get It, We Worry About Protecting It.

हरिद्वार34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अशांति का मूल कारण सुख-सुविधा की चीजों में हमारी आसक्ति है। जब मनचाही वस्तु नहीं मिलती, तो दुख होता है; और जब मिल जाती है, तब उसे पाने, बचाने और बढ़ाने की चिंता मन को घेरे रहती है। इस प्रकार प्राप्ति और अप्राप्ति, दोनों ही स्थितियां हमें अशांत रखती हैं। इसलिए बाहरी वस्तुओं में सुख खोजने के बजाय अपने मूल स्वरूप की ओर लौटना जरूरी है। सत्य की ओर लौटें, क्योंकि सत्य यही कहता है कि वास्तविक आनंद चीजों की अधिकता में नहीं, बल्कि संतुष्टि में है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए मन की शांति कैसे मिल सकती है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *