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हजारीबाग पुलिस ने टाटा पावर ईवी चार्जिंग स्टेशन की फर्जी फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने बताया कि 15 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को एक गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि हजारीबाग के बाबा पथ हुरहुरू इलाके में कुछ लोग किराये के मकान में संदिग्ध गतिविधियां चला रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इसकी जांच की और छापेमारी के लिए एक खास टीम बनाई। पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा और पांच आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में इस ठगी का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी दस्तावेज बनाकर टाटा पावर ईवी चार्जिंग स्टेशन की फ्रेंचाइजी दिलाने का लालच देते थे। इसके बदले वे लोगों से सुरक्षा राशि के नाम पर पैसे लेते थे। छापेमारी में आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले। पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है। सदर (बड़ा बाजार) थाने में कांड संख्या 226/26 के तहत अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अमरजीत कुमार, संजीव कुमार, संजू कुमार, प्रवीन कुमार और राजू कुमार हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर रही है और बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच कर गिरोह की बाकी गतिविधियों का पता लगा रही है। इस कार्रवाई में सदर थाना और तकनीकी शाखा की टीम शामिल थी। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन लोग शामिल हैं और कितने लोगों को निशाना बनाया गया है।
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हजारीबाग में फर्जी फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी:किराए के मकान से 5 आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल-लैपटॉप और फर्जी दस्तावेज मिले
