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हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर मंगलवार शाम को यमुना नदी में बड़ा हादसा हो गया। बाढ़ बचाव की प्रैक्टिस के दौरान सेना की मोटर बोट नदी के बीच में डूब गई। जिससे सेना के वन पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान गहरे पानी में डूबने लगे। पानी के तेज बहाव के बीच 3 जवान तो किसी तरह करीब 600 मीटर तैर कर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर आ गए, लेकिन दो अन्य जवान लापता हो गया। लापता जवानों की पहचान महाराष्ट्र के आर्यन पाटिल और जम्मू कश्मीर के अखनूर निवासी अजय के रूप में हुई है। उन्हें ढूंढने के लिए सेना के साथ हरियाणा व यूपी SDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। सेना के करीब 10 जवानों ने रस्सी के सहारे उनकी बोट को बाहर निकाल लिया है। प्रतापनगर थाना SHO रोहताश सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना पाने के बाद हरियाणा के अलावा यूपी SDRF टीम मौके पर पहुंच गई है। सेना के डाइवर्स भी बचाव कार्य में जुटे हैं। शुरुआती जानकारी में ये बातें सामने आईं 3 दिन से चल रहा था अभ्यास प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह ने बताया कि 30 अगस्त से हथिनीकुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स की ये ट्रेनिंग चल रही है। मंगलवार को उसका लास्ट दिन था। इसी बीच हादसे की सूचना मिली। जिसके बाद अभी उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। हेलिकॉप्टर से कूदे जवान बताया जा रहा है कि शाम को करीब 5 बजे यमुना की अप स्ट्रीम में कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड से थोड़ा पहले यह अभ्यास चल रहा था। इसी दौरान अभ्यास में शामिल हेलिकॉप्टर से एक-एक करके जवान नदी में खड़ी मोटर बोट में कूदे। बोट स्टार्ट नहीं हुई, डूबने लगी जवानों के बोट में कूदने के बाद मोटर बोट शायद किसी टेक्निकल फॉल्ट की वजह से स्टार्ट नहीं हुई। अचानक बोट डूबने लगी। वहीं, हेलिकॉप्टर भी तब तक जा चुका था। जिसके बाद जवान पानी में कूदे। पानी का बहाव तेज था। एक दिन पहले ही हथिनीकुंड में यमुना का जलस्तर 26 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था। तीन जवान WJC के गेट की तरफ बढ़े बोट डूबने के बाद तीन जवान तो पश्चिमी यमुना नहर (WJC) की तरफ तैरने लगे। नदी से करीब 14 हजार 500 क्यूसेक पानी डब्ल्यूजेसी नहर में छोड़ा जा रहा है। उस तरह बहाव तेज होने से जवानों ने उसी तरफ बचने की कोशिश की। तीन जवान तो करीब 600 मीटर तैर कर नहर के खुले गेट से बाहर निकल गए। दो जवान लापता हुआ इस दौरान दो जवान कुछ देर तक बाहर नहीं निकले तो तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। हालांकि अभ्यास में शामिल जवानों को लाइफ जैकेट व ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाते हैं। सेना आमतौर पर इस अभ्यास को सिविलियन से सीक्रेट ही रखती है। जिस जगह हादसा हुआ, वहां पास में टापू भी पहाड़ों से यमुना नदी कलेसर के पास मैदान में उतरती है। जिस जगह हादसा हुआ वो कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से कुछ पहले है। यहां पास में ही एक टापू भी बना है, हालांकि उस तरफ पानी का बहाव कम है। WJC में पानी रोकने की तैयारी, NDRF बुलाई बताया जा रहा है कि रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के गेट बंद कर पानी की सप्लाई रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की जा रही है। आर्मी के अलावा एनडीआरएफ की टीम को भी प्रशासन ने मदद के लिए बुलाया है। यूपी के मिर्जापुर और हरियाणा के प्रतापनगर की पुलिस भी मौके पर डटी है। पिछले माह चिनूक हेलिकॉप्टर से डाउन स्ट्रीम में अभ्यास हथिनीकुंड बैराज पर बाढ़ से बचाने का अभ्यास किया जाता है। पिछले महीने भी यहां सेना ने चिनूक हेलिकॉप्टर के साथ प्रैक्टिस की थी। तब हेलिकॉप्टर से जवानों ने यमुना में छलांग लगाई। करीब एक घंटे तक 16 जवानों ने प्रैक्टिस की थी। इस दौरान हेलिकॉप्टर यमुना के ऊपर ही घूमता रहा।
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हथिनीकुंड बैराज में स्पेशल फोर्स के 5 जवान डूबे:तीन 600 मीटर तैरकर बाहर निकले; यमुनानगर में ट्रेनिंग के दौरान हादसा
