भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी इस वर्ष 4 सितंबर को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर मंदिरों और घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। इसके अलावा जयंती योग, हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं। धार्मिक दृष्टि से इन संयोगों को शुभ माना जाता है। पं. कुंतलेश पाण्डेय ने बताया कि मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में इस वर्ष जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग पर्व की महत्ता को और बढ़ा रहा है। श्रद्धालु मध्यरात्रि में बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे।
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जन्माष्टमी 4 सितंबर को, रोहिणी नक्षत्र में जन्मेंगे कान्हा
