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हनुमानगढ़ में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की तहसील कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत संगठन ने देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर प्रभावी रोक लगाने, नई शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के निजीकरण और नई शिक्षा नीति लागू होने से विद्यार्थियों की समस्याएं बढ़ी हैं। जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की
शर्मा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि पुलिस कार्रवाई में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। छात्रों की आवाज राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास
एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष मोहित इंशा ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मेहनती अभ्यर्थियों का नुकसान हो रहा है।
एसएफआई नेताओं ने कहा कि पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से छात्रों की आवाज राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को और व्यापक करेगा। अभियान के दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा, जिला उपाध्यक्ष मोहित इंशा, दिव्या, सपना, अमनवीर कौर, रमणदीप कौर, ध्रुव कुमार, मनीष कुमार, विजय सहित बड़ी संख्या में एसएफआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हनुमानगढ़ में एसएफआई ने राष्ट्रपति को भेजे पोस्टकार्ड:पेपर लीक पर सख्त कानून, नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग
