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हम कीचड़ में जिंदगी काट रहे, जिम्मेदार आश्वासन बांट रहे…:वार्ड-8 में गंदगी-जलभराव, लोग जनप्रतिनिधियों से खफा




हम कीचड़ में जिंदगी काट रहे, जिम्मेदार आश्वासन बांट रहे। लोग चंदा जुटाकर सड़क बना रहे हैं, जबकि नगर निगम विकास के दावे कर रहा है…। ये नाराजगी मेरठ के वार्ड-8 लिसाड़ी में रहने वालों की है। यहां के लोग पार्षद पर क्षेत्र में न आने और काम न कराने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि पार्षद का कहना है कि वे लगातार प्रस्ताव भेज रहे हैं, लेकिन नगर निगम उन्हें मंजूरी ही नहीं देता। नतीजा यह है कि सड़क, नाला, सफाई और जलनिकासी जैसी बुनियादी समस्याएं भी नहीं मिल रही हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने निगम ही नहीं, जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि नगर निगम से लेकर विधायक, सांसद और मंत्रियों तक वार्ड की समस्याएं उठाई गईं, लेकिन प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने से विकास कार्य अटके हुए हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड नंबर-8 का जायजा लिया गया… फ्रेंड्स कॉलोनी में लोगों ने खुद मिट्टी भरकर रास्ता बनाया है, जो बारिश में दलदल में तब्दील हो जाता है। कई जगह सड़कों पर बिजली के तार पड़े मिले, जिससे करंट का खतरा बना रहता है। सड़क किनारे कूड़े के ढेर और फैली गंदगी नजर आई। बारिश के बाद अंडरपास कई दिनों तक पानी से भरा मिला। वहीं लिसाड़ी की मुख्य सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण ई-रिक्शा और टेंपो पलटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पहले ये नजारा देखिए… कच्चे रास्ते और टूटी सड़कें बनीं सबसे बड़ी परेशानी फ्रेंड्स कॉलोनी सहित वार्ड के कई हिस्सों में आज भी पक्की सड़क नहीं बनी है। लोगों ने अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा कर रास्तों में मिट्टी भरवाई, लेकिन बारिश के बाद पूरा इलाका फिर दलदल में बदल जाता है। मुख्य सड़कें भी गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि आए दिन ई-रिक्शा और टेंपो पलटते हैं, जिससे महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे चोटिल हो रहे हैं। जलनिकासी ठप, बारिश में अंडरपास और सड़कें हो जाती हैं बंद वार्ड की सबसे बड़ी समस्याओं में जलनिकासी शामिल है। नाला निर्माण अधूरा होने और नालियों की नियमित सफाई न होने से बारिश के दौरान पानी कई दिनों तक सड़कों और गलियों में भरा रहता है। अंडरपास में जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार करते हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। गंदगी और बिजली की बदहाल व्यवस्था से बढ़ रहा खतरा सड़क किनारे कूड़े के ढेर, जाम नालियां और नियमित सफाई न होने से पूरे वार्ड में गंदगी फैली रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे मच्छर और संक्रामक बीमारियां बढ़ रही हैं। कई जगह बिजली के तार जमीन पर पड़े हैं और ट्रांसफार्मर के आसपास जलभराव रहता है। लोगों का कहना है कि करंट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। हाल ही में एक ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट भी हो चुका है। वार्ड की बड़ी समस्याएं गंदगी और सफाई व्यवस्था: नियमित सफाई न होने से कूड़े के ढेर और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। जलनिकासी की समस्या: अधूरा नाला निर्माण और जाम नालियों के कारण सड़कों व घरों में पानी भर जाता है। टूटी सड़कें: कई कॉलोनियों में सड़कें नहीं बनीं, जबकि मुख्य सड़कें गड्ढों में बदल चुकी हैं। अंडरपास में जलभराव: बारिश के बाद कई दिनों तक अंडरपास बंद रहता है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। बिजली और स्ट्रीट लाइट: खुले बिजली के तार, ट्रांसफार्मर के पास जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइट हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। जलभराव और खराब रास्तों से आवागमन मुश्किल शेर मोहम्मद ने बताया कि कॉलोनी के रास्ते इतने खराब हैं कि रोज ई-रिक्शा और टेंपो पलट जाते हैं, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घायल हो जाती हैं। फुरकान ने कहा कि जलभराव और कीचड़ के कारण महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं अकरम ने बताया कि एक मुख्य मार्ग पर लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण लोगों को दो किलोमीटर की जगह पांच किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जलनिकासी और सफाई व्यवस्था पूरी तरह फेल मोहम्मद इमरान ने बताया कि इलाके में जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। नालियों की सफाई न होने से सड़कों पर पानी और गंदगी फैल जाती है तथा सीवर व्यवस्था भी बदहाल है। विपिन ने कहा कि पानी भरा रहता है, सफाई कर्मी नहीं आते और गंदगी के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं। फईमुद्दीन ने बताया कि समय पर कूड़ा नहीं उठता और जलभराव के कारण सड़कों के साथ घरों में भी पानी भर जाता है। लोगों ने खुद कराया विकास, पार्षद पर अनदेखी का आरोप इदरीश ने बताया कि कॉलोनी के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर रास्तों का भराव और नालियों का निर्माण कराया, क्योंकि नगर निगम की ओर से कोई विकास कार्य नहीं हुआ। शेर मोहम्मद ने कहा कि आज तक पार्षद इलाके में नहीं आए, जबकि लोग नियमित हाउस टैक्स जमा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। —————– ये खबर भी पढ़िए… इतना कचरा कि लोग बोले-वार्ड को डंपिंग ग्राउंड बना दिया:वार्ड-19 में सड़कें जर्जर हैं, नालियां कचरे से पटीं; बिजली-पानी का भी संकट मेरठ शहर के बॉर्डर पर बसे वार्ड-19 दायमपुर में सरकारी सुविधाएं हाशिए पर हैं। सड़कें जर्जर हैं, नालियां कचरे से पटी हैं। जगह-जगह जलभराव है। निगम की जमीन पर भी अतिक्रमण हो चुका है। आसपास के वार्डों का कचरा भी यहीं डाला जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों ने अपने ही वार्ड को ‘कूड़ा डंपिंग ग्राउंड’ कहना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि चुनाव के समय खूब वादे हुए थे, लेकिन अब मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रहीं। दैनिक भास्कर के वार्ड परिक्रमा अभियान में लोगों ने खुलकर समस्या रखीं। कहा कि नालियां जाम हैं। चारों तरफ गंदगी है। न पर्याप्त बिजली मिल पा रही है और न ही पानी। श्मशान घाट जर्जर हैं। वार्डवासी कहते हैं कि शिकायतें वर्षों से हो रही हैं, लेकिन अफसर और जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देते हैं। जमीनी बदलाव आज तक दिखाई नहीं दिया। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़िए… सड़कें डूबीं, नाले चोक… लोग बोले-डबल इंजन वाला विकास नहीं:वार्ड 42 में नाराजगी, न साफ पानी मिल रहा और न ही सड़कें बनी हैं मेरठ के वार्ड-42 में लोगों को मेयर और पार्षद से बहुत शिकायतें हैं। उनका कहना है कि दोनों भाजपा से ताल्लुक रखते हैं और सरकार भी इसी पार्टी की है, तो काम क्यों नहीं हो रहे। वार्ड के नाले चोक हैं। गलियों की सफाई नहीं हो रही है। मामूली बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं। घर के नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। बिजली के तार मकानों से सटकर गुजरे हैं, जिससे करंट का खतरा बना रहता है। शिकायतों का समाधान नहीं मिल रहा। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में जैन नगर, रेलवे रोड और रोनकपुरा की तस्वीरें विकास के दावों की पोल खोलती नजर आईं। वार्डवासी बताते हैं कि सफाईकर्मी नियमित नहीं आते। नालों से निकला कूड़ा सड़कों पर ही छोड़ दिया जाता है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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