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हरदा जिले में आदिमजाति कल्याण विभाग के करीब चार से पांच छात्रावास खराब हो चुके हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। हालांकि, विभाग ने सावधानी के तौर पर इन छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को दूसरे छात्रावासों में भेज दिया है। नगर के सिविल लाइन इलाके में एक ही कैंपस में पांच छात्रावास चलते हैं। इनमें से शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसमें 50 छात्राओं के रहने की जगह है। विभाग ने यहां रहने वाली कॉलेज की छात्राओं को शासकीय अनुसूचित जाति नवीन कन्या छात्रावास में शिफ्ट कर दिया है। इस वजह से 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए बने इस छात्रावास में अब कॉलेज की छात्राएं भी रह रही हैं। इनके बीच हुआ विवाद थाने तक पहुंच गया था। स्कूली छात्राओं ने प्रशासन और कलेक्टर से मांग की थी कि कॉलेज की छात्राओं को कहीं और शिफ्ट किया जाए। कई कमरों की छत से पानी गिरता है
छात्राओं ने बताया कि कमरे खराब होने से पढ़ाई करते और सोते समय छत से चूना झड़कर उनके ऊपर गिरता है। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान हॉस्टल के कई कमरों की छत से पानी गिरता है। इससे उनका सामान खराब हो रहा है और कमरों में रहना मुश्किल हो गया है। कई जगह छत से प्लास्टर उखड़ गया है और लोहे के सरिए दिखने लगे हैं। हालांकि, कलेक्टर ने जांच के दौरान बताया कि उन्हें तीन से चार छात्रावास क्षतिग्रस्त मिले हैं। इसे लेकर एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजा गया है। वहां से राशि मिलते ही क्षतिग्रस्त भवनों को ठीक करा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जो भी भवन खराब मिले हैं, वहां पर कोई भी छात्र या छात्रा नहीं रह रहे हैं।
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हरदा में 4 छात्रावास जर्जर, विद्यार्थियों को दूसरे हॉस्टल भेजा:छत से प्लास्टर-सरिया गिरने और बारिश में पानी टपकने की शिकायत; कलेक्टर बोले- मरम्मत करवाएंगे
