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हरियाणा में धान कटाई का सीजन शुरू होने से पहले प्रदेश सरकार ने कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन और मंडियों में धान लेकर आने वाले वाहनों की आवाजाही को लेकर सख्ती की तैयारी कर ली है। इस बार खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन से धान की कटाई पर रोक रहेगी। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही कंबाइन से धान की कटाई की जा सकेगी। सरकार ने इसके पीछे रात और सुबह के समय ओस व अधिक नमी के कारण धान में नमी बढ़ने से खरीद, सुखाने और भंडारण में आने वाली दिक्कत को वजह बताया है। साथ ही मंडियों में एक साथ बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने से लगने वाले जाम और खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने से रोकने के लिए वाहनों की एंट्री भी निर्धारित समय और टोकन/गेट पास के आधार पर करने के आदेश दिए हैं। सभी जिलों के उपायुक्तों को जारी किए आदेश इसे लेकर हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेश के सभी जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्तों को पत्राचार भी किया है। इसमें खरीफ विपणन सीजन के दौरान धान की कटाई, परिवहन और खरीद को व्यवस्थित रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन को भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आदेश में आवश्यक बदलाव करने और किसानों, कंबाइन संचालकों, आढ़तियों तथा ट्रांसपोर्टरों को इसकी जानकारी देने को कहा गया है। इसके साथ आदेशों का उल्लंघन करने वाले पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वजह-1: रात की कटाई से बढ़ सकती है धान में नमी सरकार के मॉडल आदेश में बताया गया है कि देर शाम, रात और सुबह जल्दी ओस व अधिक नमी की स्थिति में कंबाइन से काटे गए ताजा धान में निर्धारित खरीद मानक से अधिक नमी हो सकती है। इससे खरीद केंद्रों पर धान की खरीद के साथ उसे सुखाने, संभालने और भंडारण में परेशानी आती है। इसी वजह से कंबाइन संचालन के लिए समय तय किया गया है। खरीद के लिए धान में वर्तमान निर्धारित नमी सीमा 17 प्रतिशत रखी गई है। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि मौसम और खेत की स्थिति अनुकूल होने पर पकी फसल की कटाई करें और जरूरत पड़ने पर खरीद केंद्र पर लाने से पहले धान को उचित तरीके से सुखाएं। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट है कि निर्धारित सीमा से अधिक नमी वाले धान को केवल काटने या अपने पास रखने को अपने आप में आपराधिक प्रतिबंध नहीं माना जाएगा। ऐसे धान की खरीद संबंधित खरीद नियमों और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार होगी। वजह-2: एक साथ ट्रॉलियां पहुंचने से मंडियों के बाहर जाम धान की खरीद के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एक साथ मंडियों और खरीद केंद्रों पर पहुंचती हैं। इससे मंडी के आसपास की सड़कों पर जाम लगने के साथ मंडी परिसर में भी भीड़ बढ़ती है। सरकार के आदेश में कहा गया है कि इससे तौल, खरीद, धान के उठान और भंडारण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसीलिए अब मंडियों और खरीद केंद्रों में धान लेकर आने वाले वाहनों की एंट्री निर्धारित शेड्यूल, टोकन/गेट पास और सक्षम अधिकारियों के निर्देश के अनुसार होगी। जिस वाहन का समय बाद में होगा, उसे जरूरत पड़ने पर निर्धारित होल्डिंग या स्टेजिंग क्षेत्र में खड़ा किया जाएगा। सड़क पर ट्रॉली खड़ी की तो यातायात व्यवस्था में लगेगा प्रशासन किसी भी व्यक्ति को ट्रैक्टर-ट्रॉली इस तरह खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे सार्वजनिक सड़क, हाईवे, मंडी तक पहुंचने वाला रास्ता, आपातकालीन मार्ग अथवा मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर यातायात बाधित हो। जाम या भीड़ की स्थिति बनने पर पुलिस और प्रशासन जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, स्टेजिंग एरिया और अन्य ट्रैफिक व्यवस्था कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक और संबंधित एसडीएम को मार्केट कमेटी तथा दूसरे विभागों के साथ समन्वय कर व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। कंबाइन की जांच के लिए संयुक्त टीमें करेंगी निगरानी आदेश की पालना के लिए कृषि विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी और पुलिस विभाग के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन टीम के रूप में काम कर सकते हैं। टीमें कंबाइन हार्वेस्टर की जांच, स्ट्रॉ-मैनेजमेंट से संबंधित नियमों की पालना और निर्धारित समय में ही कटाई की निगरानी करेंगी।
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हरियाणा में रात को रहेगी धान कटाई पर रोक:ओस और नमी से खरीद में दिक्कत रोकने के लिए फैसला, निगरानी करेंगी टीम
