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हाईकोर्ट ने राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजूवास), बीकानेर से जुड़े वेतन भुगतान आदेश की पालना न होने पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने संबंधित प्रतिवादियों को 27 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रतिवादियों से पूछा- आदेश की अवहेलना के लिए उन्हें कारावास की सजा क्यों न दी जाए ? और, आदेश की पालना होने तक उनका वेतन अटैच क्यों न किया जाए ? यह मामला अजीत सिंह झाला बनाम आरूषी मलिक से जुड़ा है, जिसके साथ चार अन्य अवमानना याचिकाएं भी संबद्ध हैं। सुनवाई के दौरान, प्रतिवादियों की ओर से तर्क दिया गया कि अवमानना याचिकाएं डिवीजन बेंच के आदेश की गलत व्याख्या के कारण दायर की गई थीं और याचिकाकर्ताओं को सभी भुगतान किए जा चुके हैं। उन्होंने यह दलील भी दी कि आदेश की समीक्षा या रिकॉल की याचिका लंबित है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी ही दलीलें पहले भी 8 जुलाई 2025 को समन्वय पीठ के समक्ष रखी गई थीं, जिन्हें खारिज किया जा चुका है। कोर्ट ने पाया कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद आदेश की पालना नहीं हुई है। पूर्व आदेश में याचिकाकर्ताओं को उनके पद के वेतनमान के न्यूनतम वेतन का हकदार माना गया था।
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हाईकोर्ट ने अधिकारियों को व्यक्तिगत पेश होने का ऑर्डर:कोर्ट ने पूछा- आदेश की अवहेलना के लिए उन्हें कारावास की सजा क्यों न दी जाए?
