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पठानकोट के भोआ क्षेत्र में बलसुया गांव के पास जम्मू-कटरा कटरा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य किसानों के कड़े विरोध के चलते ठप्प हो गया। किसान संगठनों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया और धरना देकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के कारण उनके खेतों के आम रास्ते बंद हो गए हैं और जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई है। रास्ते बंद, फसलों की कटाई और बुवाई प्रभावित धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए उनसे जमीन अधिग्रहित की गई थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से खेतों तक जाने वाले पारंपरिक संपर्क मार्ग बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा पानी की निकासी (ड्रेनेज) की सही व्यवस्था न होने से बारिश का पानी खेतों में भरने का खतरा बन गया है, जिससे फसलों की कटाई और आने वाली फसल की बुवाई में गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वादाखिलाफी का आरोप, समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण के समय अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया था कि खेतों के लिए संपर्क रास्ते और पानी की निकासी का पुख्ता इंतजाम किया जाएगा, लेकिन अब इन वादों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।यदि अगले दो से तीन दिनों के भीतर हमारे बंद पड़े रास्तों और पानी की निकासी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो किसान इस कार्य को पूरी तरह बंद करवाएंगे और अपने आंदोलन को और ज्यादा तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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पठानकोट में जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे का काम किसानों ने रोका:रास्ते व पानी निकासी की समस्या को लेकर धरना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
