![]()
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात एक जवान को उसकी पत्नी की मौत से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने साजिद की अर्जी पर यह आदेश दिया। बागपत जिले के बड़ौत थाना क्षेत्र में दर्ज केस के अनुसार याची की पत्नी की मौत हुई, जिसके पीछे दहेज को कारण बताया गया। तर्क दिया कि साजिद को झूठा फंसाया गया है। वह मृतका का शौहर है और सेना में सिपाही के पद पर लेह-लद्दाख में तैनात है। पत्नी की मृत्यु की सूचना मिलने पर उसे 14 मार्च 2026 को 28 दिन की छुट्टी दी गई थी, और घटना के समय वह अपनी तैनाती के स्थान पर मौजूद था। यह भी बताया कि साजिद ने अपनी पत्नी के बैंक खाते में 4,20,000 रुपये भेजे थे, इसलिए दहेज की मांग का सवाल ही नहीं उठता। अभियोजन पक्ष का यह स्वीकृत तथ्य है कि आवेदक घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। मृतका के गले पर फांसी के निशान के अलावा शरीर पर कोई अन्य चोट नहीं पाई गई, और मृत्यु का कारण फांसी लगने से श्वासावरोध बताया गया। यह भी बताया गया कि मृतका के ससुर और सास यानी साजिद के माता-पिता को क्रमशः 6 जुलाई और 10 जुलाई 2026 को जमानत मिल चुकी है और याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसने जांच व मुकदमे में सहयोग करने का वचन दिया। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी का अधिकार होने मात्र से गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं हो जाती, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संवैधानिक मूल्य है। मामले की प्रकृति, आवेदक की भूमिका और सभी परिस्थितियों को देखते हुए, बिना मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए, अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत देना उचित पाया।
Source link
हाईकोर्ट से सेना के जवान को सशर्त अग्रिम जमानत:बागपत का मामला, पत्नी की मौत के मामले में है आरोपी
