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हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके चलते अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग शिमला ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। 9 से 10 जुलाई तक भी विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और सड़कों के बाधित होने का खतरा बना रहेगा। बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। डुल्ला नाले में अचानक बाढ़ आई कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में ठेला के पीछे डुल्ला नाले में मंगलवार शाम अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भारी तबाही मची। स्थानीय लोगों ने इसे बादल फटने जैसी घटना बताया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर आया, जिससे राजली पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बादल फटने से नाले का जलस्तर बढ़ा कुल्लू जिले की गड़सा घाटी के शिलागढ़ क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई है। इसके कारण पंचा नाला और पुलिया नाला में बाढ़ आ गई। भुंतर के तहसीलदार नितेश ठाकुर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गड़सा नाला में बाढ़ आई है और बादल फटने से नाले का जलस्तर बढ़ा है। फ्लैश फ्लड से कई वाहन मलबे में दबे इससे पहले, शिमला जिले के रामपुर के ब्रांडली क्षेत्र में फ्लैश फ्लड से कई वाहन मलबे में दब गए। कुल्लू के पागल नाला में उफान आने से लारजी-सैंज मार्ग प्रभावित हुआ। चंबा-भरमौर मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। शिमला के चमियाणा में पेड़ गिरने से भी कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जिला प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल में 10 जुलाई तक बारिश की चेतावनी:भूस्खलन-फ्लैश फ्लड से जनजीवन प्रभावित, कई सड़कें बाधित; बादल फटने से नाले का जलस्तर बढ़ा
