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हिसार के गांव असरावा में बीमारी से परेशान एक दंपती ने कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव गुरुवार सुबह उनकी ढाणी के पास पड़ोसी के नरमा के खेत में मिले। मृतकों की पहचान आत्माराम पुत्र संतलाल और उसकी पत्नी बसकोरी देवी निवासी असरावा के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से छह पेज का हिंदी में लिखा सुसाइड नोट भी मिला है, जिस पर दोनों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। मृतक के बेटे प्रदीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह बिजली का काम करने के साथ गांव में टेंट हाउस की दुकान चलाता है। 12 अगस्त की शाम करीब 5 बजे तक उसके पिता आत्माराम दुकान पर थे। इसके बाद वह ढाणी चले गए और प्रदीप दुकान पर ही सो गया। पड़ोसी के खेत में मिले दोनों के शव 13 अगस्त की सुबह करीब 6:30 बजे उसके चाचा मुकेश ने दुकान पर पहुंचकर बताया कि उसके माता-पिता ढाणी में नहीं हैं। इसके बाद परिवार ने दोनों की तलाश शुरू की। कमरे में छह पेज का सुसाइड नोट मिला। नोट में दंपती ने बीमारी से परेशान होकर सल्फास खाने की बात लिखी और किसी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया। इसके बाद खेतों में तलाश करने पर दोनों के शव पड़ोसी उमेद सिंह के नरमा के खेत में मिले। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मां का रीढ़ की हड्डी का हुआ था ऑपरेशन प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसकी मां बसकोरी देवी का करीब एक वर्ष पहले हिसार के सर्वेश अस्पताल में रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। वहीं, उसके पिता आत्माराम को भी कई दिनों से रीढ़ की हड्डी में काफी दर्द था। बेटे के अनुसार, पत्नी की बीमारी और खुद के दर्द के कारण उसके पिता भी लंबे समय से परेशान थे। परिवार ने कार्रवाई से किया इनकार पुलिस के अनुसार, मृतक के बेटे और परिवार ने दंपती द्वारा बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की बात कही है। परिवार ने किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाने से इनकार किया है। पुलिस ने मामले की सूचना रोजनामचा में दर्ज कर ली है और सुसाइड नोट को भी अपने कब्जे में लिया है।
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हिसार में दंपती ने सल्फास खाकर दी जान:पड़ोसी के खेत में मिले शव, 6 पेज का छोड़ा सुसाइड नोट; लिखा- बीमारी से परेशान
