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बेगूसराय में 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता और अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ऋषिकांत ने बुधवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। आपसी सहमति से मामलों का होगा त्वरित निष्पादन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय मामलों का निष्पादन आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित पक्षकारों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर से ही प्री-लिटिगेशन और प्री-सिटिंग के माध्यम से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएलएसए के एडीआर भवन में प्रतिदिन विशेष बेंच के माध्यम से ई-चालान, न्यायालय संबंधी मामले, बैंक ऋण, विद्युत, नापतौल और चेक बाउंस समेत विभिन्न सुलहनीय मामलों के समाधान की प्रक्रिया चल रही है। 20 बेंचों का किया गया गठन इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 20 बेंचों का गठन किया गया है। इनमें 15 बेंच बेगूसराय मुख्यालय में, जबकि चार बेंच अनुमंडल न्यायालय बखरी, मंझौल, तेघड़ा और बलिया में गठित किए गए हैं। इसके अलावा एक बेंच बरौनी रेलवे न्यायालय में बनाया गया है। वहीं, ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए दिनकर भवन में तीन विशेष बेंच बनाए गए हैं। 5 हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि इस बार जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से 5 हजार से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत में आने और अपने मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से होता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है और आपसी सद्भाव भी कायम रहता है। गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे पीएलवी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर आम लोगों को जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पारा विधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें सुलहनीय मामलों के समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने की जानकारी दी जा रही है। पीएलवी लोगों को बता रहे हैं कि आपसी सहमति से मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कराया जा सकता है। इसके जरिए पक्षकार लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया और खर्च से भी बच सकते हैं। अधिक से अधिक लोग लोक अदालत का लाभ उठाएं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपील की कि जिन लोगों के मामले सुलहनीय हैं, वे 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराएं। उन्होंने आम लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाने और इसे सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। प्रेसवार्ता के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करूणानिधि प्रसाद भी मौजूद रहे।
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12 सितंबर को बेगूसराय में राष्ट्रीय लोक अदालत:20 बेंचों पर 5 हजार से ज्यादा मामलों के निपटारे का लक्ष्य, ट्रैफिक चालान के लिए 3 विशेष बेंच
