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16 गांव के किसानों ने की मुआवजे की मांग:पानीपत में डीसी से मिले, बोले-6 महीने बाद भी नहीं मिला, सोनीपत में मिल चुका




पानीपत में खेतों से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों और खंभों से हुए नुकसान के उचित मुआवजे की मांग को लेकर 16 गांवों के किसान गुरुवार को डीसी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जबकि कुछ किसानों को डीसी रेट के आधार पर भुगतान किया गया है। किसानों ने मांग की कि एमआरसी कमेटी का गठन कर खेतों की वास्तविक कीमत का आकलन कराया जाए और उसी के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों के अनुसार एक अप्रैल 2026 को एमआरसी कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। इसके कारण हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने का मामला लंबित है। किसानों ने यह भी कहा कि पानीपत क्षेत्र से केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का लोकसभा क्षेत्र होने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई कर प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की। इन 16 गांवों के किसान पहुंचे किसानों में जाटल, सुताना, भादड़, कालखा, भंडारी, नैन, भाऊपुर, अलुपुर, अदियाना, अटालव, लारा, औसर, काबड़ी, रामनगर, नोहरा और उरलाना गांव के किसान शामिल रहे। किसानों ने कहा कि खेतों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने और बिजली के खंभे लगने से खेती प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि जिन जमीनों से लाइनें गुजर रही हैं, उनकी कीमत पर भी इसका असर पड़ा है। भंडारी गांव के किसान प्रेम सिंह ने बताया कि गांव के कई खेतों से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं और खेतों में बिजली के खंभे खड़े किए गए हैं। उनके अनुसार प्रभावित किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि खेतों से तार गुजरने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और जमीन की कीमत भी प्रभावित हुई है। कुछ किसानों को डीसी रेट से मिला, कई अभी वंचित किसानों ने बताया कि कुछ प्रभावित लोगों को डीसी रेट के आधार पर मुआवजा दिया गया है, जबकि कई किसानों को अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। किसानों की मांग है कि सभी प्रभावित किसानों के लिए एक समान और उचित मुआवजे की व्यवस्था की जाए। किसानों ने उदाहरण देते हुए कहा कि सोनीपत जिले के 17 गांवों में प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल चुका है, जबकि पानीपत के प्रभावित किसान अभी भी मुआवजे के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। एमआरसी कमेटी बनाकर वैल्यू तय करने की मांग किसानों ने प्रशासन से मांग की कि एमआरसी कमेटी का जल्द गठन किया जाए। कमेटी प्रभावित जमीनों की मौजूदा कीमत और हाईटेंशन लाइन से होने वाले नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा निर्धारित करे। किसानों का कहना है कि उन्हें केवल डीसी रेट के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन की वास्तविक कीमत और प्रभावित होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुआवजा दिया जाना चाहिए।



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