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बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड में महामारी से 22 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। अडोरी और मछुरदा पंचायत क्षेत्र के गांवों और मंझरेटोले में हुई इन मौतों के बाद आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक विक्रांत भूरिया, विधायक राजकुमार कर्राहे, विधायक संजय उईके, छत्तीसगढ़ के विधायक झनक, पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले, उड़ीसा से आदिवासी नेत्री हरिबती गोंड और आदिवासी प्रतिनिधि रामु टेकाम सहित प्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। विधायक विक्रांत भूरिया ने मृतक बच्चों के परिवारों, ग्रामीणों और प्रशासनिक और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस घटना को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। भूरिया ने इन मौतों को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए कहा कि बैगा जनजाति को विशेष दर्जा प्राप्त होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की जान जाना सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। कुपोषण और टेक होम राशन में धांधली का मुद्दा विधायक भूरिया ने कहा कि आज के दौर में बच्चों का खसरा (मीजल्स) और कुपोषण से मरना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने टेक होम राशन की खराब गुणवत्ता और वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आदिवासियों की जमीनों पर बांध बनाकर उन्हें विस्थापित किया जा रहा है और दूसरी तरफ उनके बच्चे भूख और बीमारी से जान गंवा रहे हैं।
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22 बच्चों की मौत, कांग्रेस नेता प्रभावित गांवों में पहुंचे:विक्रांत भूरिया बोले- बच्चे भूख और बीमारी से मर रहे, मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करें
