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छठी सदी का अरब। छोटे-छोटे कबीलों में बंटे लोग। रातें शराब-शायरी में डूबी रहतीं और दिन जमीन-औरतों के लिए लड़ाइयां करने में फना हो जाते। कबीलाई रंजिशें पीढ़ियों तक चलतीं। मर्द चाहे जितनी शादियां कर सकते थे और कभी भी छोड़ सकते थे। महिलाओं को संपत्ति में कोई हक नहीं था। बेटी पैदा होने पर तो कई कबीलों में जिंदा दफनाने की रिवायत थी। उसी दौर में पैगंबर हजरत मोहम्मद ने इस्लाम की शुरुआत की और सबकुछ बदलने लगा। 26 अगस्त को मिलाद-उन-नबी, यानी पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन है। मंडे मेगा स्टोरी में उनकी पूरी कहानी और कैसे वो अपने समय से बहुत आगे की सोचते थे… ***** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी, अजीत सिंह, अंकुर बंसल ——– ये खबर भी पढ़िए… ज्यादातर मुस्लिम देश गरीब क्यों होते जा रहे:दुनिया की GDP में सिर्फ 8% हिस्सेदारी; तबाही के पीछे इस्लाम, अंग्रेजों की लूट या छिपी वजहें दुनियाभर के 57 मुस्लिम देशों का एक संगठन है- ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन यानी OIC। यहां दुनिया की करीब 25% आबादी रहती है, लेकिन वर्ल्ड GDP में इनकी हिस्सेदारी 10% भी नहीं। OIC में शामिल सिर्फ 8 देश हाई इनकम कैटेगरी में आते हैं, वो भी तेल के कुओं की बदौलत। इसके अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान समेत ज्यादातर मुस्लिम देश गरीब हैं। पूरी खबर पढ़िए…
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4 बीवियां, पर्दा, तलाक और नमाज के नियम क्यों बनाए:पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर जानिए, कैसे वो अपने समय से आगे थे
