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फलोदी में जैन समाज की 44 दिवसीय सिद्धि तप साधना पूरी हो गई है। करीब 150 आराधकों ने यह तपस्या शुरू की थी, जिसमें से 80 तपस्वियों ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। इन तपस्वियों का सामूहिक पारणा 17 सितंबर को गुरुभगवंतों के सानिध्य में विधि-विधान से होगा। यह धार्मिक अनुष्ठान आचार्य हंसरत्न सूरीश्वर महाराज, प्रवचन प्रभावक आचार्य तत्वदर्शन सूरीश्वर महाराज और पन्यास प्रवर गुरुदेव धर्मध्यान विजय महाराज की प्रेरणा और निश्रा में आयोजित किया गया। इसके तहत 7 दिवसीय महोत्सव मनाया जा रहा है। रजवाड़ी रथयात्रा और वरघोड़ा निकाला महोत्सव के तहत शहर में भव्य रजवाड़ी रथयात्रा और वरघोड़ा निकाला गया। पारंपरिक राजस्थानी, पंजाबी और रजवाड़ी अंदाज में सजे रथ, ढोल-नगाड़े और धार्मिक जयकारे लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने चावल और फूलों की वर्षा कर गुरुभगवंतों और तपस्वियों का स्वागत किया। इस वरघोड़े में स्थानीय जैन समाज के साथ-साथ देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले प्रवासी फलोदीवासियों और तपस्वी परिवारों के रिश्तेदारों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। चेन्नई, सोलापुर, अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोयम्बटूर, मुंबई और नंदुरबार जैसे शहरों से आए समाजबंधुओं की मौजूदगी से इस आयोजन को व्यापक स्वरूप मिला। 17 सितंबर को तपस्या का समापन आयोजन समिति के अरुण कोचर ने बताया कि सिद्धि तप के तहत तपस्वियों ने 44 दिनों में 36 उपवास और 8 पारणों की कठिन साधना पूरी की है। सात दिवसीय महोत्सव में कई धार्मिक और भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब 17 सितंबर को सामूहिक पारणा के साथ इस तपस्या का विधिवत समापन होगा। सकल जैन समाज, आयोजन समिति और व्यवस्था समिति ने धर्मप्रेमी लोगों से पारणा महोत्सव में शामिल होकर गुरुभगवंतों के दर्शन-प्रवचन का लाभ लेने और तपस्वियों की अनुमोदना करने की अपील की है।
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44 दिवसीय तपस्या पूरी, 80 तपस्वियों का सामूहिक पारणा:फलोदी में 17 सितंबर को होगा, रजवाड़ी वरघोड़े में उमड़ा जनसैलाब
