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बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के हेमाबंद गांव में 50 से अधिक गौवंश की मौत के मामले को लेकर सोमवार को गौसेवकों ने बेमेतरा कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर करीब 5 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। गौसेवक कलेक्टर से सीधे मुलाकात और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। करीब रात 8.30 बजे 10 प्रतिनिधियों की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई से मुलाकात के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारी मृत गौवंश को वाहन में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमाबंद में मवेशियों की उचित देखरेख नहीं होने के कारण उनकी मौत हुई। गौसेवकों का दावा है कि देखरेख के नाम पर प्रति गौवंश 1200 से 2000 रुपए तक लिए जाते थे, लेकिन पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने दर्ज की FIR, तीन सदस्यीय टीम जांच में जुटी मामले में पुलिस ने दिलीप राय के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं कलेक्टर ने मौके की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। अधिकारियों के मुताबिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। धरने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस के साथ राजस्व विभाग का बल भी तैनात रहा। एडीएम प्रकाश भारद्वाज, एसडीएम दिव्या पोटाई और एडिशनल एसपी हरीश यादव ने प्रदर्शनकारियों से कई बार बातचीत कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन वे कलेक्टर से मिलने की मांग पर कायम रहे। अतिक्रमण की शिकायत पर SDM को कार्रवाई के निर्देश गौसेवकों ने हेमाबंद मामले के अलावा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत भी कलेक्टर को दी। कलेक्टर ने एसडीएम को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गौसेवक आदेश सोनी ने कहा कि उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई, कथित अवैध संपत्ति की जांच, पशु चिकित्सा विभाग की भूमिका की जांच और गौवंश के लिए मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग रखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन किया जाएगा। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई ने कहा कि गौसेवकों के साथ सार्थक चर्चा हुई है। मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर चुकी है और तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के हेमाबंद गांव में 50 से अधिक गौवंश की मौत के मामले को लेकर सोमवार को गौसेवकों ने बेमेतरा कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने करीब 5 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। गौसेवकों ने कलेक्टर से मुलाकात और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद अपना प्रदर्शन समाप्त किया। यह प्रदर्शन सोमवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ और रात 8.30 बजे तक चला। प्रदर्शनकारी कलेक्टर से सीधे मुलाकात और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। गौसेवकों ने आरोप लगाया कि हेमाबंद में गौवंश की उचित देखरेख न होने के कारण बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत हुई है। उनका कहना था कि प्रति गौवंश 1200 से 2000 रुपए तक देखरेख के नाम पर लिए जाते थे, लेकिन पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था नहीं की गई। इस मामले में पुलिस ने दिलीप राय के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में गौसेवक कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य गेट के सामने बैठकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मृत गौवंशों को वाहन में लेकर भी गौसेवक पहुंचे थे। स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग का बल भी तैनात किया गया था। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एडीएम प्रकाश भारद्वाज, एसडीएम दिव्या पोटाई और एडिशनल एसपी हरीश यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कई बार गौसेवकों से बातचीत कर प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन गौसेवक कलेक्टर से मुलाकात की अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब पांच घंटे बाद, 10 प्रतिनिधियों ने कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई से मुलाकात की, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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