वॉशिंगटन12 मिनट पहले
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रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 40% अमेरिकियों ने पिछले साल एक भी किताब नहीं पढ़ी। इसकी बड़ी वजह सोशल मीडिया और एआई से उपलब्ध सामान्य कंटेंट को पढ़ने में समय बीत जाना है।- प्रतीकात्मक फोटो
एआई के दौर में जहां हर जानकारी सेकंडों में ‘समरी’ (सारांश) के रूप में उपलब्ध हो रही है। इस वजह से लोगों में पूरी किताब को पढ़ने की आदत छूट रही है। दुनिया के टॉप कॉर्पोरेट लीडर्स और सीईओ भी इसके शिकार हो रहे हैं। एआई से बनाए संक्षिप्त कंटेंट के कारण दिग्गज सीईओ किताबें और विस्तृत रिपोर्ट्स कम पढ़ पा रहे हैं। इससे मौलिक सोच, तर्कों की बारीकी और निर्णय लेने की क्षमता पर विपरीत असर पड़ रहा है।
अमेरिकी लेखिका डायन ब्रैडी लिखती हैं कि आज सीईओ और टॉप लीडर्स के सामने नई दिक्कत है। एआई की वजह से कंटेंट की मात्रा बढ़ गई है। गुणवत्ता का भरोसा घटा है। नतीजा यह कि कई सीईओ किताबें कम पढ़ रहे हैं। यह बात उन्हें खुद उन्हें परेशान कर रही है। ब्रैडी लिखती हैं कि उन्हें रोज कई एआई जनरेटेड पीआर पिच मिल रहे हैं। फॉर्मेट एक जैसा होता है। ग्रीटिंग से लेकर बुलेट पॉइंट तक। डिजिटल मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) फर्म ग्रेफाइट के अनुसार, अब ऑनलाइन कंटेंट इंसानों से ज्यादा एआई बना रहा है। इसी माहौल में कुछ सीईओ ‘धीमा, गहरा’ पढ़ने की ओर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि समरी पढ़ने से तर्क की मौलिकता और बारीकियां छूट जाती हैं।
वित्तीय सेवा से जुड़े एक सीईओ ने बताया कि उन्होंने अब पुराने ढर्रे पर लौटकर किताबें पढ़ना शुरू किया है। उनका कहना है, ‘मुझे सोचने और रणनीतिक फैसले लेने के लिए वेतन मिलता है। जब मैं एआई समरी पढ़ता हूं, तो तर्क की बारीकी और मौलिकता खो जाती है। धीमी और गहरी पढ़ाई ही व्यक्ति को अपने निष्कर्ष पर पहुंचने का समय देती है।’
इंसानी जिज्ञासा ही समाधान
बुकशॉप डॉट ओआरजी के सीईओ एंडी हंटर का कहना है कि एआई फर्जी और सर्च ट्रेंड्स को भुनाने वाली घटिया किताबें बना रहा है। इसका मुकाबला केवल मानव संपादन और इंसानी रचनात्मकता से ही हो सकता है।
औसत दर्जे का खतरा
वन स्ट्रेटजी ग्रुप के सीईओ डेविड मीडविन के मुताबिक, एआई के कारण कंटेंट का सामान्य स्तर बी+ ग्रेड जैसा हो गया है। लेकिन एआई टूल्स का होना किसी को महान विचारक नहीं बना देता। एआई लोगों को ‘औसत’ ही बना रहा है, जिससे बचना जरूरी है।
पिछले साल 40% अमेरिकियों ने एक भी किताब नहीं पढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 40% अमेरिकियों ने पिछले साल एक भी किताब नहीं पढ़ी। इसकी बड़ी वजह सोशल मीडिया और एआई से उपलब्ध सामान्य कंटेंट को पढ़ने में समय बीत जाना है। ग्रेफाइट ने 65,000 से ज्यादा अंग्रेजी भाषा के ऑनलाइन कंटेंट का विश्लेषण किया और पाया कि 2023 (नवंबर) में इंटरनेट कंटेंट का 36% एआई लिखा हुआ था। 2024 के अंत तक यह 48% तक पहुंच गया। 2025 (मई) में 51.7% कंटेंट एआई जनरेटेड था, जो इंसानों के लिखे कंटेंट से पहली बार ज्यादा था। 2026 के शुरुआत में 49.9% नए लेख एआई-जनरेटेड थे।

