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बिजली शिकायतों का निस्तारण न होने पर होगी कार्रवाई:लखनऊ में एमडी बोले- बिना समाधान किए बंद नहीं होगी शिकायत, हर महीने लगेगा विशेष समाधान शिविर




लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक संदीप भागिया ने स्पष्ट निर्देश दिया। बिजली बिल, खराब मीटर, नया कनेक्शन या बिजली चोरी से जुड़ी शिकायतों के समाधान में लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ेगी। संदीप भागिया ने निर्देश दिए हैं कि टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्ज हर शिकायत का समयबद्ध और वास्तविक निस्तारण अनिवार्य होगा । अगर किसी अधिकारी ने बिना समाधान किए फर्जी तरीके से शिकायत बंद दिखाई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों को नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी मध्यांचल निगम मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एमडी ने बताया कि कुछ मामलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजी गई शिकायतों का भी समाधान नहीं किया गया। ऐसे मामलों की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल, खराब मीटर और नए कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए विभाग रोजाना समीक्षा कर रहा है। सोलर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की तकनीकी दिक्कतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा रही है एमडी ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते बिजली भार को देखते हुए नए उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। जर्जर बिजली तारों और पुराने खंभों को बदलने के लिए जल्द ही विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे फॉल्ट और बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके। हर महीने विशेष समाधान शिविर आयोजित होगा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एलडीए और नगर निगम की तर्ज पर अब हर महीने मध्यांचल निगम मुख्यालय में विशेष समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में नए कनेक्शन, गलत बिलों का संशोधन, लोड बढ़ाने, खराब मीटर बदलने और अन्य समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। शिविर की तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इसके अलावा अमौसी जोन के मोहनलालगंज और मलिहाबाद क्षेत्र में नए कार्यालय खोलने पर भी विचार किया जा रहा है। चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा बिजली चोरी रोकने के लिए लेसा और विजिलेंस की संयुक्त टीम शहर के संवेदनशील इलाकों में सघन अभियान चलाएगी। होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, नर्सिंग होम और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की भी जांच होगी। कटिया लगाकर अवैध रूप से ई-रिक्शा चार्ज करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एमडी ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और पारदर्शी बिजली सेवा उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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