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चंबा में दुर्गम रास्ते में फंसे भेड़ पालक का रेस्क्यू:लकवा पड़ने के बाद तबीयत बिगड़ी, 36 किलोमीटर पैदल चलकर बचाया




चंबा जिले के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल की रेईधार से बीमार भेड़ पालक निर्जल कुमार को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। कांगड़ा के बैजनाथ क्षेत्र के बड़ा गुनेड गांव निवासी निर्जल कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लकवा मार गया था। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया गया। निर्जल कुमार अपनी भेड़-बकरियों के साथ बड़ा भंगाल की परमिट वाली चारागाह में गए थे, जहां अचानक तबीयत खराब होने के बाद वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बैजनाथ और भरमौर प्रशासन को अवगत कराया गया। इसके बाद भरमौर प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना किया। रेस्क्यू की PHOTOS देखिए:- स्थानीय लोगों ने भी अहम सहयोग दिया निर्जल कुमार रेईधार के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए थे, जो बड़ा भंगाल से करीब 18 किलोमीटर दूर है। रेस्क्यू अभियान में ग्राम पंचायत ग्रौंडा के स्थानीय लोगों ने भी अहम सहयोग दिया। टीम ने 36 किलोमीटर के कठिन पैदल रास्ते को तय कर निर्जल कुमार को सुरक्षित बाहर निकाला और देर रात उन्हें सिविल अस्पताल होली पहुंचाया। दुर्गम रास्तों से पैदल बाहर निकालना पड़ा खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके चलते रेस्क्यू टीम को मरीज को दुर्गम रास्तों से पैदल बाहर निकालना पड़ा। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी बड़ा भंगाल क्षेत्र से कई बीमार और घायल लोगों को इसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। सड़क निर्माण की आवश्यकता उजागर इस घटना ने एक बार फिर होली-बड़ा भंगाल सड़क निर्माण की आवश्यकता को उजागर किया है, जिसकी मांग स्थानीय लोग पिछले कई वर्षों से करते आ रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी अपने दौरे के दौरान एक दिन बड़ा भंगाल क्षेत्र में ठहरे थे। ग्राम पंचायत ग्रौंडा की प्रधान कविता देवी और निर्जल कुमार के पुत्र निखिल कुमार ने प्रशासन, रेस्क्यू टीम और स्थानीय ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया है।



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