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हरियाणा के पंचकूला में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को मंत्री कृष्णलाल पंवार ने महिला थाना की SHO और ASI को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान उससे कहा गया, “यह पुरुष प्रधान देश है, यहां महिलाओं को सब कुछ सहना पड़ता है।” सुनवाई के दौरान गवाह को कार्रवाई की चेतावनी वाला नोटिस भेजने, जांच में लापरवाही बरतने और आरोपियों के नाम केस से हटाने को लेकर मंत्री ने दोनों पुलिस अधिकारियों के तत्काल निलंबन के आदेश दिए। पीड़िता मनीषा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में आरोप लगाया कि उसके ससुर सतेंद्र कुमार यमुनानगर CIA में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। इसी वजह से पुलिस ने उनका नाम केस से हटा दिया। मनीषा का दावा है कि 6 लाख रुपए उसके ससुर ने ही लिए थे, लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी सास को भी मामले में आरोपी नहीं बनाया। अब जानिए पति और ससुराल से विवाद की पूरी कहानी… 4 पॉइंट में समझिए ASI और SI के सस्पेंशन की वजह 1. जांच में ससुर का नाम हटाने का आरोप मनीषा के अनुसार, उसने महिला थाना पंचकूला में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमारी ने उसके ससुर सतेंद्र का नाम केस से हटा दिया और सास को भी आरोपी नहीं बनाया। जबकि 6 लाख रुपए ससुर ने लिए थे और उसकी पिटाई सास के कहने पर हुई थी। उसने इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच अधिकारी को सौंपी थी। 2. SHO की शिकायत, जांच जूनियर अधिकारी को सौंपने का आरोप मनीषा का आरोप है कि जब उन्होंने इंस्पेक्टर राजेश कुमारी के खिलाफ DCP और ACP से शिकायत की तो जांच ASI कविता को सौंप दी गई। ASI कविता ने उनसे कहा कि “पुरुष प्रधान देश में महिलाओं को इतना तो सहना पड़ता है।” विरोध करने पर जांच SI नेहा सिंधू को सौंप दी गई। 3. SI बोलीं- सीनियर की रिपोर्ट नहीं बदल सकती मनीषा का कहना है कि उन्होंने SI नेहा सिंधू को 6 लाख रुपए के लेन-देन और मारपीट से जुड़े सबूत भी दिए। इसके बावजूद SI ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी सीनियर अधिकारी की रिपोर्ट में बदलाव नहीं कर सकती। 4. SHO पर गवाह को डराने का आरोप मनीषा और उसके पिता ने मंत्री कृष्णलाल पंवार को बताया कि पुलिस ने उनके गवाह को नोटिस भेजकर कार्रवाई की चेतावनी दी। उनका आरोप है कि जब गवाह थाने पहुंचा तो SHO ने उसे डराकर उसके बयान दर्ज करवा लिए। अब जानिए ग्रीवेंस मीटिंग में क्यों नाराज हुए मंत्री…
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'यह पुरुष प्रधान देश है' कहने पर SHO-ASI सस्पेंड हुए:पंचकूला में दहेज पीड़िता बोली- SI ससुर ने ₹6 लाख लिए, फिर भी FIR में नाम नहीं
