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घोटाले में फंसे देहरा के पूर्व विधायक का वीडियो संदेश:कहा-पारिवारिक विवाद को आपराधिक मामला बनाया; नुकसान पहुंचाने की साजिश




देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग मामले में विजिलेंस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया दी है। विदेश से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके परिवार के भीतर चल रहे कारोबारी विवाद का नतीजा है, जिसे राजनीतिक रंग देकर आपराधिक केस में बदलने का प्रयास किया गया है। होशियार सिंह ने स्पष्ट किया कि विधायक ऐच्छिक निधि का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता करना है। उन्होंने विधायक के तौर पर गरीब परिवारों, खिलाड़ियों और अन्य जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता प्रदान की। जिन 16 लाभार्थियों के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उनके खातों में नियमानुसार राशि भेजी गई थी। पूर्व विधायक ने लाभार्थियों से पैसे वापस लेने के आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद करार दिया। कंपनी के लोगों ने की शिकायत पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाले कई लोग उनकी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके अनुसार, इन लोगों को उनके बड़े भाई कुलवंत और भतीजे के प्रभाव में विजिलेंस तक ले जाया गया। उन्होंने बताया कि परिवार में कंपनी, संपत्ति और कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, और इसी निजी विवाद को आधार बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। होशियार सिंह ने दावा किया कि कंपनी में करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई करवाई गई है। उन्होंने इस पूरे मामले को उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा बताया। किसी भी जांच से भाग नहीं रहे पूर्व विधायक ने कहा कि वह किसी भी जांच से भाग नहीं रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत लौटते ही वे स्वयं विजिलेंस के समक्ष पेश होंगे और अपने सभी बैंक रिकॉर्ड, खाते तथा दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई स्वीकार करेंगे, लेकिन यदि आरोप झूठे साबित होते हैं, तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘ऐच्छिक निधि में कोई घोटाला नहीं, पारिवारिक विवाद को बनाया जा रहा आपराधिक मामला’

विजिलेंस की एफआईआर के बाद पूर्व विधायक होशियार सिंह का विदेश से आया वीडियो संदेश; बोले- लौटते ही जांच में सहयोग करूंगा, सभी रिकॉर्ड सौंपूंगा

बड़े भाई कुलवंत तथा भतीजे पर लगाए साजिश के आरोप

देहरा | विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में विजिलेंस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश से जारी वीडियो संदेश में उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि यह मामला उनके परिवार के भीतर चल रहे कारोबारी विवाद का नतीजा है, जिसे राजनीतिक रंग देकर आपराधिक केस में बदलने का प्रयास किया गया है।

होशियार सिंह ने कहा कि विधायक ऐच्छिक निधि का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करना होता है। विधायक के रूप में उन्हें प्रतिवर्ष मिलने वाली निधि से उन्होंने गरीब परिवारों, खिलाड़ियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई। उन्होंने कहा कि जिन 16 लाभार्थियों का नाम इस मामले में सामने आया है, उनके खातों में नियमानुसार राशि भेजी गई थी, लेकिन यह आरोप कि लाभार्थियों से पैसे वापस लिए गए, पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं।

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाले कई लोग उनकी कंपनी में कार्यरत हैं और उन्हें उनके बड़े भाई कुलवंत तथा भतीजे के प्रभाव में विजिलेंस तक ले जाया गया। उनके अनुसार परिवार में कंपनी, संपत्ति और कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी निजी विवाद को आधार बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि कंपनी में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई करवाई गई। उनका कहना है कि यह पूरा मामला उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा है।

होशियार सिंह ने कहा कि वह किसी भी जांच से भाग नहीं रहे हैं। भारत लौटते ही स्वयं विजिलेंस के समक्ष पेश होंगे और अपने सभी बैंक रिकॉर्ड, खाते और दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई स्वीकार करेंगे, लेकिन यदि आरोप झूठे साबित होते हैं तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि मामले का दूसरा पक्ष सामने रखे बिना निष्कर्ष न निकाले जाएं और तथ्यों के आधार पर ही खबर प्रकाशित की जाए।

उल्लेखनीय है कि विजिलेंस ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में होशियार सिंह चंब्याल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। विजिलेंस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कुछ लाभार्थियों ने राशि वापस देने की बात कही है, जबकि पूर्व विधायक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।



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