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हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित डेंटल कॉलेज के सुपरवाइजर विकास कुमार सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हजारीबाग सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने बताया कि 19 जुलाई 2026 को दर्ज इस हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक अनुसंधान और विभिन्न बिंदुओं पर गहन जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार दास ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। आरोपी ने बताया कि उसका और मृतक विकास कुमार सिंह का एक ही युवती से प्रेम संबंध था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। लात-घूंसों से बेरहमी से हमला किया आरोपी ने विकास कुमार सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 18 जुलाई की रात उसने विकास को अपने साथ बैठाकर अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई। जब विकास नशे की हालत में जमीन पर गिर पड़े, तब आरोपी ने उनका मुंह जमीन पर दबा दिया और लात-घूंसों से बेरहमी से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पहले से यह जानकारी थी कि विकास कुमार सिंह के सीने में पेसमेकर लगा हुआ है। उसने इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए हमला किया, ताकि मृतक बच न सके। हत्या के बाद आरोपी ने मामले को सामान्य घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंघाडीह निवासी लगभग 35 वर्षीय पवन कुमार दास के रूप में हुई है। उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने इसे वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया गया महत्वपूर्ण मामला बताया है।
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हजारीबाग सुपरवाइजर हत्याकांड, मुख्य आरोपी गिरफ्तार:एक ही युवती से दोनों का था प्रेम प्रसंग, शराब पिला वारदात को दिया अंजाम
